आशाराम को उम्रकैद

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जोधपुर (खबर संसार)
ओर आखिर बहुचर्चित आशाराम की आशा पर कोर्ट ने पानी फेर दिया। कोर्ट ने आशाराम को उम्रकैद की,सजा देदी गई। इसके साथ ही आशाराम के साथी शरद और शिल्पी को भी बीस बीस साल की सजा दी गई। लेकिन कोर्ट ने आशाराम के भक्त प्रकाश और शिवा को बरी कर दिया। विदित रहे कि आशाराम पहले ही 1667 दिन यानि चार साल आठ महीने जेल में गुजार चुके हैं। विदित रहे कि आशाराम के खिलाफ 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी जिसमें करीब 14 धारायें लगाई गई थी। समर्थको के उंमाद को देखते हुए तीन राज्यों राजस्थान हरियाणा और गुजरात में पहले से धारा 144 लगा दी गई है क्योकि आशाराम के समर्थक इन राज्यों में बहुत अधिक संख्या में मौजूद है। इससे पूर्व जोधपुर कोर्ट में आज यानी 25 अप्रैल को आसाराम पर फैसले को जानने को लेकर मीडिया से लेकर आम आदमी और राजनेताओं तक की नजर लगातार बनी हुई थी। घड़ी की सूई जैसे ही 10 बजकर 30 मिनट पर रूकी लोगो की धड़कने तेजी से धक धक करने लगी और खबरे निकलकर आने लगी की आशाराम दोषी करार दिये गये। चूंकि अन्दर जाने की इजाजत किसी को नही थी लिहाजा 11 बजे तक स्पष्टï नही हो पाया कि उन्हे कोर्ट ने कितनी सजा सुनाई। और टीवी चैनल वाले दावा करने लगे कि पहले हमने पहले हमने बताया। दूसरी और आशाराम के समर्थक मान कर चल रहे थे कि उनकी उम्र को ध्यान में रखकर कम से कम सजा मिलेंगी। इसी बात को लेकर समर्थकों में उत्साह देखने को मिल रहा था। दूसरी ओर आसाराम के बरी होने के लिए अहमदाबाद में साधक हवन कर रहे है। जानकारी के अनुसार आशाराम ने भी जेल में पूजा अर्जना की सजा सुनाये जाने से पहले। स्पष्टï है आशाराम भी अपने भगवान से गुजारिश कर रहे कि है भगवान मुझे कम से कम सजा दिलवाना। इधर अहमदाबाद में आसाराम के आश्रम पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विदित रहे कि यौन शोषण में दोषी करार आसाराम को 31 अगस्त 2013 को मध्य प्रदेश के इंदौर गिरफ्तार किया गया था। पीडि़ता का आरोप है कि आसाराम ने एक निजी फार्म हाउस में 15 और 16 अगस्त 2013 को इलाज के बहाने यौन उत्पीडऩ किया था। आशाराम के खिलाफ इस समय आईपीसी की धारा 342, 376, 354-ए, 506, 509/34, जेजे एक्ट 23 व 26 और पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत मामले दर्ज है। आसाराम पर केस दर्ज करने वाली पीडि़ता यूपी के शाहजहांपुर की है।

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