मिनटों में भर जाएंगे शरीर के जख्म

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नई दिल्ली (खबर संसार)
अनुसंधानकर्ताओं ने पहली बार हल्का और साथ ले जा सकने वाला एक ऐसा त्रिआयामी (थ्रीडी) स्किन प्रिंटर विकसित किया है जो जख्मों को ढंकने और चंद मिनटों में भरने के लिए ऊतकों की परतें उन पर चढ़ा सकता है। जिन मरीजों के जख्म बहुत गहरे होते हैं उनकी त्वचा की तीनों परतें-एपिडर्मिस (बाहरी परत), डर्मिस (एपिडर्मिस और हाइपोडर्मिस के बीच की परत) और हाइपोडर्मिस (अंदरूनी परत) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। ऐसे जख्मों के लिए अभी जो इलाज किया जाता है उसे स्प्लिटथिकनैस स्किन ग्राफ्टिंग (एसटीएसजी) कहा जाता है। इसमें किसी सेहतमंद डोनर की त्वचा को एपिडर्मिस की सतह और उसके नीचे मौजूद परत डर्मिस के कुछ हिस्सों पर प्रत्यारोपित किया जाता है। बड़े जख्मों पर इस प्रक्रिया को अपनाने के लिए बेहद सेहतमंद त्वचा की जरूरत पड़ती है जो तीनों परतों के पार तक पहुंच सके और इसके लिए पर्याप्त त्वचा बहुत मुश्किल से मिलती है। इससे एक बड़े हिस्से पर परत नहीं चढ़ पाती और जख्म भरने के बेहतर परिणाम सामने नहीं आते। कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के एक्सेल गुएंथेर बताते हैं कि नए बायोप्रिंटर बहुत भारी होते हैं। कम गति से काम करते हैं। बहुत महंगे हैं और क्लिनिकल अनुप्रयोगों के साथ मेल नहीं खाते। उनकी टीम ने एक नया स्किन प्रिंटर तैयार किया है। गुएंथेर का दावा है कि उनका स्किन प्रिंटर एक ऐसी तकनीक है जो इन रुकावटों से पार पा सकता है और जख्म भरने की प्रक्रिया में सुधार कर सकता है। उन्होंने एक अध्ययन में पाया है कि साल भर तक एक हफ्ते में 12 अंडों तक का सेवन करने के बाद भी लोगों में दिल की बीमारियों से जुड़े जोखिम के कारकों में कोई बढ़ोतरी नहीं है। अनुसंधानकर्ता निक फुलर ने बताया कि अंडे प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्वों का एक स्रोत हैं जो आंखों व दिल की सेहत, सेहतमंद नसों व सेहतमंद गर्भावस्था,फैट और कार्बोहाइड्रेट के सेवन का नियमन समेत स्वास्थ्य और आहार संबंधी कई कारकों को बढ़ावा देते हैं।

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