महात्मा गांधी की मौत की गुत्थी

नई दिल्ली (खबर संसार)

आज के ही दिन महात्मा गंाधी की हत्या करने वाले को सजा मिली थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मौत की गुत्थी पर आज भी कई तरह के सवाल समय-समय पर उठते रहते हैं। यह तथ्य अपने आप में दिलचस्प है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नाथू राम गोडसे महात्मा गांधी के आदर्शों का मुरीद था, लेकिन फिर एक समय ऐसा आया कि वह उनका विरोधी बन बैठा और उन्हें देश के बंटवारे का दोषी मानने लगा।
इसके बाद नाथू राम गोडसे ने अहिंसा के उस पुजारी के सीने में तीन गोलियां झोंक दीं। इस अपराध पर नाथूराम को फांसी की सजा सुनाई गई। लेकिन इस बात पर भी लगातार सवाल उठते रहे कि गांधी को 3 गोलियां मारी गई या 4। पुलिस का कहना है कि नाथुराम गोडसे ने 3 गोलियां मारी और ये भी कहा जाता है कि उन्हें 4 गोली मारी गई। इसके बाद ये सवाल उठा कि चौथी गोली किसने मारी। नाथुराम गोडसे के साथ 8 लोगों को गांधी की हत्या का दोषी पाया गया था। इसमें 2 को फांसी और 1 को उम्रकैद की सजी सुनाई गई थी।
गांधी जी ने अपेन जीवन के 12 हजार 75 दिन गांधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम में लगाए, लेकिन आजादी का सुकून उन्हें मात्र 168 दिन ही मिला। नाथूराम गोडसे की बंदूक से निकली 3 गोलियां बापू के शरीर को छलनी करती गई।
पहली गोली- बापू के शरीर के 2 हिस्सों को जोडऩे वाली मघ्य रेखा से साढ़े 3 इंच दाईं तरफ व नाभि से ढाई इंच ऊपर पेट में घुसी और पीठ को चीरते हुए निकल गई। गोली लगते ही बापू का कदम बढ़ाने को उठा पैर थम गया, लेकिन वे खड़े रहे!
दूसरी गोली- उसी रेखा से एक इंच दाईं तरफ पसलियों के बीच होकर घुसी और पीठ को चीरते हुए निकल गई। गोली लगते ही बापू का सफेद वस्त्र खून से लाल हो गया। उनका चेहरा सफेद पड़ गया और वंदन के लिए जुड़े हाथ अलग हो गए। कुछ ही देर में वे अपनी सहयोगी आभा के कंधे पर अटके रहे। उनके मुंह से शब्द निकला हे राम।
तीसरी गोली- सीने में दाईं तरफ मध्य रेखा से चार इंच दाईं ओर लगी और फेफड़े में जा घुसी। आभा और मनु ने गांधीजी का सिर अपने हाथ पर टिकाया। इस गोली के चलते ही बापू का शरीर धरती पर गिर गया उनका चश्मा निकल गया और पैर से चप्पल भी । नाथू का कहना था कि वो गांधी से प्रेरित था लेकिन उन्होंने देश का बंटवारे में अहम भूमिका निभाई और मुस्लमानों का साथ दिया और इसके एवज में उन्होंने ना जाने कितने ही हिंदू भेंट चढ़ गए। वास्तव में नाथू गांधी की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा से नफरत करता था जोकि शायद संघ की विचारधारा को सुहाती नही थी इसलिए उसने प्रेरित होकर गांधी की हत्या की।

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