मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से हुआ हंगामा

नई दिल्ली (खबर संसार)
केरल के प्रसिद्ध मंदिर सबरीमाला में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद माहैल बिगड़ गया है। राज्य में विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अलग-अलग हिन्दूवादी समूहों के एक मुख्य संगठन ने आज राज्यव्यापी बंद का भी ऐलान किया है। इस मुद्दे पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट राज्य में काला दिवस मना रही है।
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश करने के बाद वहीं भगवान अयप्पा के भक्तों को जब यह मालूम हुआ की 40 वर्षीय दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश कर पूजा की तो दक्षिणपंथी समूहों के कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए हाइवे जाम कर दिया। सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री के बाद काफी प्रदर्शन हुआ था, इसी में घायल हुए 55 वर्षीय चंदन उन्नीथन की मौत हो गई। चंदन उन्नीथन, ‘सबरीमाला कर्म समितिÓ का कार्यकर्ता था, जो कि महिलाओं के मंदिर में घुसने का विरोध कर रहा था। बुधवार को वहां हुई ष्टक्कढ्ढरू-क्चछ्वक्क के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में वह घायल हुए जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, देर रात ही उनकी मौत हो गई बता दें कि मंदिर में पहली बार इतिहास रचते हुए भारी विरोध के बीच 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं ने प्रवेश करके इतिहास रच दिया है। बता दें कि बिंदु और कनकदुर्गा नाम की दो महिलाओं ने आधी रात को मंदिर की सीढयि़ां चढऩी शुरू की और सुबह करीब 3.45 पर भगवान के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर का शुद्धीकरण किया जा रहा है।
बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया। जिसमें उन्होंने सबरीमाला से जुड़े हुए सवालों पर खुलकर अपने विचार रखे। पीएम मोदी ने कहा कि सबरीमाला ही नहीं देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां पर परंपरा के मुताबिक पुरुषों की एंट्री प्रतिबंधित है। वहां इसका पालन किया जाता है। इस पर किसी को समस्या नहीं होती। अगर लोगों की आस्था है कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश न हो तो उसका भी ख्याल रखा जाना चाहिए. मोदी ने कहा कि महिला जज ने सबरीमाला मामले पर जो फैसला दिया है उसे भी देखा जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *