बारिश नहीं होने से बिगड़ रहा मौसम का चक्र

नई दिल्ली (खबर संसार)

वैसे तो इस बार की ठंड ने अपने पिछले कई रिकोर्ड तोड़ चुकी है, मगर ठंड के साथ ही दिल्लीवासियों को प्रदूषण की मार भी झेलनी पड़ रही है। प्रदूषण के कम नहीं होने का एक मुख्य कारण बारिश नहीं होने को माना जा रहा है। बारिश नहीं होने का कारण है उत्तरी भारत में नमी की कमी। आज भी प्रदूषण बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश होती है। इसबार पश्चिमी विक्षोभ बन रहे हैं, मगर उनका प्रभाव पहाड़ी क्षेत्रों तक ही सिमट जा रहा है। इस कारण मैदानी इलाकों में जाड़ों के दिनों में होने वाली बारिश इस बार नहीं हुई है। राजधानी कॉलेज के प्रो. एटामोस्टफेरिक साइंस सेंटर के प्रभारी प्रो. एसके ढाका ने यह जानकारी दी। सर्दी के मौसम में नवम्बर,दिसम्बर,जनवरी में बारिश नहीं होती है तो इसका आगे चलकर मौसम पर दुष्प्रभाव पड़ता है। इन दिनों में बारिश नहीं होने पर सर्दी में औसत तापमान बढ़ जाता है।तापमान नीचे जाने पर बनता है कोहरा: जब तापमान नीचे जाता है और मौसम में नमी होती है तो वातावरण में कोहरा बनता है। दिन में तापमान बढ़ा रहता है और रात व सुबह के समय तापमान सबसे नीचे होता है। उस समय कोहरा सबसे ज्यादा रहता है। पॉल्यूशन क्लीनिंग एजेंट का कार्य करती है बारिश
बारिश से बरसा पानी वातावरण में मौजूद प्रदूषण के कणों को धोने का कार्य करता है। जब बारिश होती है तो हवा में मौजूद पीएम 10 और पीएम 2.5 के कण हट जाते है। इसके साथ ही वायु में मौजूद कार्बन के कणों को भी बारिश धो देती है। जिससे तापमान नीचे आता है। यही कारण है कि बारिश नहीं होने की वजह से प्रदूषण कम नहीं हो रहा है और लगातार दिल्ली की वायु गुणवत्ता बिगड़ी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *