पाक चुनाव इमरान की लहर में बिलावल से लेकर हाफिज सईद तक डूबे

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नई दिल्ली (खबर संसार)
पड़ोसी देश पाकिस्तान में हिंसक और खूनी ही सही सत्ता प्रतिनिधि को चुनने के लिए हुआ चुनाव सफलता पूर्वक संपन्न हो गया। चुनाव के तुरंत बाद शुरू मतगणना के रुझानों के अनुसार पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी सबसे आगे चल रही है और उनका पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया है। चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी दूसरे नंबर और बेनजीर के बेटे बिलावल भुट्टो की पार्टी चचच तीसरे स्थान पर रही। पाकिस्तान का यह चुनाव कई ऐसे परिणाम लाया है जो आश्चर्यचकित करने वाले हैं। पाकिस्तान की जनता ने आतंकी संगठन जमात उल दवा के प्रमुख हाफिज सईद के राजनीतिक मंसूबों पर भी पानी फेर दिया है। हाफिज ने अल्लाह.ओ.अकबर तहरीक नामकी पार्टी बना कर चुनाव में 260 प्रत्याशियों को खड़ा किया था जिसमें से एक को भी जीत नसीब नहीं हुई। यहां तक कि हाफिज सईद का बेटा हाफिज तल्हा और दामाद खालिद वलीद भी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में पीछे चल रहे हैं और हार की कगार पर हैं। कई बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ की पार्टी से चुनाव लड़ रहे उनके छोटे भाई शहवाज शरीफ का भी पीएम बनने का ख्वाब इमरान खान की लोकप्रियता की आंधी में उड़ गया। पाकिस्तान के पंजाब से लड़ रहे शहबाज भी चुनाव हार गएए हालांकि इसके बाद उन्होंने सेना पर धांधली का आरोप लगाया। बताते चलें कि पनामा मामले में संलिप्ता के कारण नवाज शरीफ को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। इसके बाद शहबाज को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया था। पाकिस्तन के होने वाले प्रधानमंत्री इमरान खान शानदार क्रिकेटर रहे हैं। पाकिस्तान ने क्रिकेट का एकमात्र वल्र्डकप इन्हीं की कैप्टेंसी में जीता है। प्लेब्वॉय वाली छवि वाले इमरान का विवादों से हमेशा नाता रहा है। इसी बीच इमरान की तीसरी पत्नी बुशरा मनेका ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी तीसरी शादी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने का लिए टोटके के तौर पर की थी। सबसे रोचक बात यह है कि यह टोटका भी बुशरा मनेका ने ही बताया था। दरअसल बुशरा मनेका पीर हैं और माना जाता है कि इनकी सलाह के बगैर इमरान राजनीति से लेकर निजी जीवन तक में कोई फैसले नहीं लेते। पाकिस्तान के टीवी चैनल्स में भी यह खबर चली थी कि देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए ही इमरान तीसरी शादी कर रहे हैं। पाकिस्तान के 70 साल के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब चुना के माध्यम से सत्ता का हस्तांतरण हो रहा है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सदस्य होते हैं जिसमें से 272 को चुनाव के द्वारा चुना जाता है। शेष 60 सीट महिलाओं और 10 धार्मिक रूप से अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित है। चुनाव में 172 सीट पाने वाली पार्टी बिना कि सी अन्य दल का सहयोग लिए सरकार बना सकती है।

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