पंजाब की 500 कंपनियों ने खरीदे जीएसटी के जाली बिल

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नई दिल्ली (खबर संसार)
जीएसटी बिल घोटाले की परतें लंबी होती जा रही हैं। पंजाब की करीब 500 ऐसी कंपनियां सामने आई हैं जिन्होंने जाली बिल बेचने वाली 130 कंपनियों से बिल खरीदे हैं। इन पर पहले चरण में 30 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकवरी बन गई है। जिसे रिकवर करने के लिए जीएसटी विभाग उठ खड़ा हुआ है। ये 500 कंपनियां स्टेट जीएसटी और सैंट्रल जीएसटी विभाग के पास रजिस्टर्ड हैं। इनमें हौजरी धागे निटवियर फर्नेस साइकिल व साइकिल पाट्र्स और आटो पार्टस् की कंपनियां प्रमुख हैं। बीते दिनों पुलिस ने जो मनीष अग्रवाल और उसके साथी गुरप्रीत को पकड़ा थाए उससे यह खुलासा हुआ है कि उसने 130 कंपनियां बना रखी थीं। इनका तीसरा साथी राजीव जिसे मुख्य सरगना माना जा रहा है वह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मनीष अग्रवाल ज्यूडीशियल कस्टडी में है और गुरप्रीत 2 दिन के पुलिस रिमांड पर है। पता चला है कि तीनों ने मिलकर 130 कंपनियां बनाई थीं। आगे इन्होंने बाजार में बिल बेचे। जिन कंपनियों को बिल बेचे उनके नाम इन्होंने पुलिस को और जीएसटी विभाग को बता दिए हैं। सूची में छोटी बड़ी करीब 500 कंपनियां सामने आई हैं जिन्होंने जीएसटी बचाने और जाली रिफंड क्लेम करने के लिए आरोपियों की कंपनियों से जाली बिल खरीदे। जांच जोरों पर है और उम्मीद जताई जा रही है कि जीएसटी की टैक्स चोरी 100 करोड़ से ऊपर भी जा सकती है। मनीष अग्रवाल अभी मात्र एक छोटा.सा प्यादा है। विभाग ने मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना में बिल बेचने वाले जिन लोगों के यहां दबिश दी उनकी जांच का नतीजा आना अभी बाकी है।

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