आज केंद्र सरकार व चुनाव आयोग उम्मीदवारों का आपराधिक ब्योरा जमा!

नई दिल्ली (खबर संसार) कोर्ट ने मंगलवार को उम्मीदवारों को बताना होगा आपराधिक इतिहास इस पर याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। इस याचिका में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर शीर्ष अदालत के 25 सितंबर, 2018 को दिए आदेश की अवमानना का आरोप लगाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2019 में दागी उम्मीदवारों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड चुनाव आयोग को और अखबारों और टी.वी. चैनलों के माध्यम से मतदाताओं को बताने होंगे। टीवी चैनलों पर 3 अलग-अलग दिनों में ऐसे उम्मीदवारों को खुद जनता को अपने आपराधिक मामलों का ब्यौरा देना होगा।
लंबित आपराधिक मामलों या सजा की जानकारी को अपने इलाके के सर्वाधिक सर्कुलेशन वाले अखबारों में 3 अलग-अलग तारीखों को विज्ञापन के रूप में भी छपवाना होगा। ये विज्ञापन नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख या मतदान से 2 दिन पहले तक छपवाने होंगे। नामांकन के समय सी फॉर्म में भी यह सब बताना जरूरी होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला आपराधिक प्रवृत्ति के उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के उद्देश्य से सुनाया है। इस फैसले को इसी चुनाव में पूरी तरह अमलीजामा पहनाया जाना है। आदेशों के मुताबिक आपराधिक मामलों में संलिप्त नेताओं को टिकट देने वाली पाॢटयों को अपनी वेबसाइट पर उनकी जानकारी विस्तार से डालनी पड़ेगी।

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