दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशु आहार जरूरी- धन सिंह

रूद्रपु्र, खबर संसार। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आणंद तथा उत्तराखण्ड काॅपरेटिव डेरी फैडरेशन, आंचल ब्रांण्ड के तत्वाधान में डा0 रतन सिंह मेमोरियल आडिटोरियम पशु चिकित्सालय महाविद्यालय में गुणवत्ता चिन्ह अंकित आंचल सुप्रीम पशु आहार कार्याशाला का शुभारम्भ किया गया कार्यशाला में मा0 राज्य मंत्री (स्वंत्रत प्रभार) उच्चशिक्षा सहकारिता दुग्ध विकास डा0 धन सिंह रावत द्वारा गुणवत्ता चिन्ह का रिमोट से बटन दबाकर शुभारम्भ किया।

उन्होने कहा पशु आहार दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए जरूरी पोषक तत्वों का मुख्य स्रोत्र है। उन्होंने कहा आंचल का दूध शत-प्रतिशत मां के दूध की तरह शुद्ध है। उन्होने कहा हमारी सरकार आने के पूर्व आंचल दूध की 86 हजार लीटर खपत थी। जो अब बढ़कर सवा दो लाख लीटर हो गये है। उन्होंने कहा दुग्ध व्यवसाय को और अधिक मजबूत करते हुए इसे 8 लाख लीटर किया जायेगा।

उन्होनें कहा विश्व स्वास्थ संगठन की रिर्पोट के अनुसार बाजार में बिकने वाला 70 दूध मानको के अनुसार शुद्ध नही होता है। उन्होने कहा हमें शुद्ध दूध का ही उपयोग करना चाहिए। उन्होनें कहा दूध की जांच के लिए डेयरी को अधिकार मिले इस पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा बाजार में शुद्ध दूध आये इसके लिए सभी जिलाधिकारी अपने जनपदों में इसकी माॅनीटरिगं करें उन्होने कहा पशु पालकों को जागरूक करने के लिए इस तरह की गोष्ठीयां प्रत्येक जनपद में आयोजित की जायेगीं। उन्होने कहा पशु पालकों को आगे बढ़ाने के उद्वेश्य से 4 रू0 प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होने कहा दुग्ध संघ के सचिवों को भी प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।

उन्होने कहा दूध व पशु आहार की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए क्वालिटी  कन्ट्रोल में भी नियुक्तियां की जायेगीं।उन्होने कहा उत्तराखण्ड राज्य में पशु आहार सभी स्थानों पर एक ही दर पर उपलब्ध कराया जायेगा उसके ट्रांसर्पोट का खर्चा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होनें कहा डेरी को बढ़ावा देने के लिए पशु पालकों को पशुओं के साथ-साथ पशु सेट बनाने के लिए सब्सीडी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्हाने कहा पशु पालन से जोड़ने के लिए महिला समूहों को विशेष लाभ दिया जा रहा है।

उन्होने कहा गंगा गाय योजना में पात्र लाभार्थियों को गाय खरीदनें हेतु 60 प्रतिशत सब्सीडी दी जा रही है। पिछले वर्ष इस योजना के अन्र्तगत 1100 गाय क्रय की गयी। उन्हाने कहा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की ओर से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 3400 करोड़ की धनराशि दी जायेगी उन्होनें कहा इस धनराशि से दुग्ध व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कार्य किये जायेगें। प्रबन्ध निदेशक प्रकाश चन्द्रा ने कहा सरकार द्वारा किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों के लिए अनेक हितकारी योजनाएं चलायी जा रही है।उन्होनें कहा गुणवत्ता चिन्ह अंकित पशु आहार दुधारू पशुओं की प्रजन्न क्षमता में सुधार करता है इससे पशु स्वस्थ रहता है।

कार्यशाला में महाप्रबन्धक पशु-पोषण विभाग, राष्टीय डेरी विकास बोर्ड डा0 वी0 श्रीधर ने डेरी में किये जाने वाले कार्यो की विशेष जानकारी उपलब्ध करायी। उन्होने कहा डेरी का व्यवसाय लाभदायक हो इसके लिए अधिकत्तम दुग्ध उत्पादन लेना, आहार लागत को कम करना व पशुओं के प्रजन्न क्षमता में सुधार करना मुख्य है। कार्यशाला में जनपद उधमसिंह नगर के प्रगतिशील पशु-पालक राजवीर सिंह, रजुवन्त कौर,गगां सिंह,सुरेन्द्र सिंह व जसवीर कौर नैनीताल के राजेन्द्र सिंह नगर कोटी, सुखविन्दर कौर, महेन्दर सिंह, विनीता देवी व दीपा खोलिया को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष यूसीडीएफ रेखा देवी, महाप्रबन्ध निदेशक प्रकाश चन्द्र, डाएचएस कुटेला, पीसी शर्मा, अध्यक्ष शिव अरोड़ा मुकेश बोहरा, अजुर्न रोतेला रणनवीर सिंह कृष्णनन्द जोशी राजवीर सिह डा एके अग्रवाल डा ऐके श्रीवास्तव डा आलोक सहित अन्य अधिकारी व पशु-पालक उपस्थित थे।

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