अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता का आदेश दिया !

नई दिल्ली (खबर संसार) उच्चतम न्यायालय में बुधवार को हुई सुनवाई में अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को मध्यस्थता के लिये भेजने का फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। जिसे कोर्ट आज सुना सकता है। न्यायालय ने संबंधित पक्षकारों से कहा है कि वे इस विवाद के सर्वमान्य समाधान के लिए संभावित मध्यस्थों के नाम उपलब्ध करायें।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने संबंधित पक्षकारों से कहा कि वे आज ही संभावित नाम उपलब्ध करायें। पीठ ने कहा कि इस भूमि विवाद को मध्यस्थता के लिये भेजने या नहीं भेजने के बारे में इसके बाद ही आदेश दिया जायेगा। जिसके बाद हिंदू महासभा मध्यस्थता का विरोध कर रहा है।

हालांकि, उसकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में मध्यस्थता के लिए नाम दिए गए हैं। इनमें पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा, पूर्व सीजेआई जेएस खेहर और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एके पटनायक शामिल हैं। इसके अलावा हीं, निर्मोही अखाड़ा की ओर से सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज कुरियन जोसेफ, एके पटनायक और जीएस सिंघवी का नाम दिया है।

मुस्लिम पक्षकारों ने भी कोर्ट को नाम दिया है, लेकिन इसका खुलासा नहीं किया है। बता दें कि बुधवार को हुई सुनवाई में निर्मोही अखाड़े के अलावा अन्य हिन्दू संगठनों ने इस मामले को मध्यस्थता के लिये भेजने के न्यायालय के सुझाव का विरोध किया जबकि मुस्लिम संगठनों ने सुझाव का समर्थन किया।

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