सेक्स कांड के चर्चित बाबा ने कहा मैं हूं शर्मिंदा, मुझसे गलती हुई

शाहजहांपुर, खबर संसार।सेक्स कांड के चर्चित बाबा ने कहा मैं हूं शर्मिंदा, मुझसे गलती हुई। जी, हां रेप के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को आखिरकार यूपी पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर लिया है।

इससे पहले एसआईटी ने तबीयत बिगड़ने पर चिन्मयानंद को गुरुवार को लखनऊ के केजीएमयू रिफर कर दिया था। हालांकि आयुर्वेदिक इलाज की इच्छा जताने पर चिन्मयानंद को शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम वापस ले जाया गया था।

चिन्मयानंद को शुक्रवार सुबह उनके घर से पुलिस और एसआईटी ने गिरफ्तार किया। लॉ छात्रा के आरोपों के बाद मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया था। 24 अगस्त को एक विडियो के जरिए पीड़ित छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर संगीन आरोप लगाए थे।

ऱेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने दी थी आत्मदाह की धमकी

बताते चले कि इससे पहले मैजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराने के बाद स्वामी चिन्मयानंद पर रेप और यौन शोषण का आरोप लगाने वाली लॉ स्टूडेंट ने उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। अन्यथा आत्मदाह करने की धमकी दी थी।

पीड़िता ने चिन्मयानंद की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा था कि अगर सरकार इंतजार कर रही है कि वह खुद ही मर जाए तो वह खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा लेगी। पीड़िता ने कहा कि मैजिस्ट्रेट के समक्ष बयान होने के तीसरे दिन भी ना तो बलात्कार और न ही शारीरिक शोषण की रिपोर्ट दर्ज की गई है और ना ही चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया गया है।

स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने 24 अगस्त को एक विडियो वायरल कर स्वामी चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण और कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाए और उसे व उसके परिवार को जान का खतरा बताया था। विडियो वायरल होने के बाद छात्रा लापता हो गई थी।

इस मामले में 25 अगस्त को पीड़िता के पिता की ओर से कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने की धाराओं में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने पांच करोड़ रुपए रंगदारी मांगने का भी मुकदमा दर्ज करा दिया था।

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और 30 अगस्त को पीड़िता को उसके एक दोस्त के साथ राजस्थान से बरामद कर लिया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पीड़िता को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एसआईटी ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।

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