भारत के पास हैं 37 विश्व धरोहर ?

नई दिल्ली (खबर संसार)।भारत अपनी ऐतिहासिक पहचान के लिए काफी अमीर कहा जा सकता है क्योंकि उसके पास 37 विश्व धरोहर हैं। बता दें कि विश्व धरोहर धोषित करने का कार्य यूनेस्को द्वारा किया जाता है, वर्तमान में विश्व की करीब 1097 धरोहरों को इस लिस्ट में यूनेस्को ने शामिल किया है यूनेस्को द्वारा भारत में पहली बार साल 1983 में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित अजंता की गुफाओं को विश्व धरोहर में शामिल किया गया था। बात यदि राजधानी दिल्ली की करें तो सबसे पहले हुमायूं के मकबरे को साल 1993 में विश्व धरोहर लिस्ट में जगह मिली थी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सिर्फ विश्व धरोहरों को ही नहीं बल्कि भारत की सभी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है, फिर भी इन्हें संरक्षित करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी खुद समाज की है।
बता दें कि किसी भी ऐतिहासिक इमारत के साथ ही यूनेस्को विश्व विरासत स्थल में वन क्षेत्र, पर्वत, झील, मरूस्थल, स्मारक, भवन या शहर को शामिल करता है। जिसका चयन विश्व विरासत स्थल समिति करती है। एएसआई के साथ ही यूनेस्को की भी कड़ी नजर इन विरासतों के संरक्षण पर रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्व धरोहरों को नुकसान पहुंचाने या गंदा करने पर जुर्माना व सजा तक का प्रावधान है लेकिन लोग इसे अनदेखा करते हुए इमारतों पर नाम लिखकर गंदा करते रहे हैं।
यही नहीं सिविक एजेंसियों द्वारा इमारतों के बंटवारे को लेकर भी कुतुब कॉम्पलैक्स में आने वाले कई ऐतिहासिक स्थल अंतिम सांसे गिन रहे हैं और कई गायब भी हो चुके हैं।
मालूम हो कि हुमायूं के मकबरे के साथ ही साल 1993 में ही कुतुबमीनार व उसके आस-पास की सभी इमारतों जिन्हें कुतुब कॉम्पलैक्स कहा जाता है उसे भी विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल किया गया। जबकि साल 2007 में लालकिला विश्व धरोहर लिस्ट में शुमार हुआ।
इस लिस्ट को बढ़ाते हुए साल 2018 में मुंबई के विक्टोरियन और आर्ट डेको एनसेंबल को बहरीन के मनामा में यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 42वें सत्र में शामिल किया गया। जबकि पश्चिम बंगाल के विष्णुपुर के मंदिर व केरल के मट्टनचेरी के पैलेस को प्रस्तावित किया गया है। यदि इस पर यूनेस्को की मुहर लग गई तो भारत में विश्व धरोहरों की संख्या बढ़ जाएगी।

ये है भारत की विश्व धरोहर

अजंता गुफाएं, आगरा का किला, ताजमहल, एलोरा गुफाएं, कोणार्क सूर्य मंदिर, महाबलिपुरम के स्मारक समूह, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, मानस राष्ट्रीय उद्यान, गोवा के गिरजाघर व कॉन्वेंट, हम्पी, फतेहपुर सीकरी, खजुराहो स्मारक समूह, सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान, एलिफेंटा की गुफाएं, पत्तदकल, महान चोल मंदिर, नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान व फूलों की घाटी, सांची के बौद्ध स्तूप, हुमायूं का मकबरा, कुतुब मीनार एवं अन्य स्मारक, भारतीय पर्वतीय रेल दार्जिलिंग, बोधगया का महाबोधि विहार आदि हैं।

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