महाराष्ट्र में भगत सिंह कोश्यारी की भूमिका इस वजह से हुई ज्यादा महत्वपूर्ण

महाराष्ट्र, खबर संसार। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है माना जा रहा है कि शिवसेना भाजपा को सपोर्ट नहीं कर रही थी अब देखना है कि राज्यपाल क्या निर्णय लेते हैं।

क्योंकि अब राज्यपाल बहुत ही महत्वपूर्ण और निर्णायक बनने वाले हैं कि वह क्या निर्णय लेते हैं इसको बने रहने को कहते हैं कुछ दिन या दूसरी पार्टी को इनवाइट करते हैं यह राष्ट्रपति शासन के लिए सिफारिश करते हैं फिलहाल माना जा रहा है कि कुछ भी हो सकता है और इस बीच शिवसेना के संजय रावत के नेता से मिलने उनके घर पहुंचे हैं लाल पत्रकार वार्ता करने वाले हैं उसमें कुछ खुलासा करने वाले हैं सूत्रों के अनुसार शिवसेना को 56 एनसीपी को 54 कांग्रेस।

महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा

महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज देवेंद्र फडणवीस राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे हैं व़ राज्यपाल को अपना स्तीफा सौप दिया। वहीं शिवसेना नेता संजय राउत एनसीपी चीप शरद पवार से मिलने पहुंचे हैं। बीजेपी या शिवसेना में से अभी तक किसी ने भी सरकार बनाने का दावा नहीं किया, ऐसे में राजनीतिक संकट और गहराता जा रहा है। इस बीच कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों की एक बैठक बुलाई है।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है। लेकिन बीजेपी और शिवसेना के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें होने के बावजूद सत्ता-बंटवारे को लेकर आपस ठनी हुई है।बीजेपी के पास सबसे अधिक 105 सीटें हैं। बीजेपी नेताओं ने गुरुवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की लेकिन सरकार बनाने का कोई दावा नहीं किया।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों के दलबदल की आशंका के कारण सावधानी बरत रही है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस विधायकों को जयपुर ले जाया जा सकता है। हालांकि सूत्रों ने इस तरह के किसी भी कदम की पुष्टि नहीं की। वहीं, शिवसेना के विधायकों को गुरुवार को सरकार गठन को लेकर जारी उठापटक के बीच बांद्रा के रंगशारदा होटल में स्थानांतरित कर दिया गया।

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