दिल्ली सरकार ने अब तक 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए

नई दिल्ली (खबर संसार)। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली में एक लाख 40 हजार सीसीटीवी कैमरों को लगाने के लिए अब तक 50 हजार स्थानों पर सर्वे का काम पूरा कर लिया है। बाकी 90 हजार स्थानों के सर्वे का काम जुलाई में पूरा हो जाएगा। करीब 500 सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं, लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते कैमरों को लगाने की रफ्तार सुस्त पड़ गई है।

सीसीटीवी कैमरों को लगाए जाने की योजना पर 23 मई के बाद तेजी से काम शुरू होगा। बता दें कि हर विधानसभा क्षेत्र में 2 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसे महिला सुरक्षा के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चुनाव आचार संहिता के चलते कई स्थानीय आरडब्ल्यूए ने सीसीटीवी लगाने का विरोध किया और इसके चलते इस पर तेजी से काम शुरू नहीं हो पाया है।पीडब्ल्यूडी ने दिसम्बर से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का काम शुरू किया था, लेकिन 500 स्थानों पर कैमरे लगाने के बाद लोकसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई थी।

अब पीडब्ल्यूडी 23 मई को अधिसूचना का समय समाप्त होने के तुरंत बाद तेजी से काम शुरू करने की प्लॉनिंग की है। स्थानीय आरडब्ल्यूए या मार्केट एसोसिएशन के साथ मिलकर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए विभिन्न इलाकों में टीमें बनाई गई हैं।

यहां लगाए गए 500 कैमरे

दिल्ली सरकार ने इस योजना के तहत अब तक 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इसमें गोल मार्केट, रानीबाग, पी एंड टी कॉलोनी, बीके दत्त कॉलोनी व अतुल ग्रोवर रोड आदि के इलाके शामिल हैं। कैमरों के लिए आरडब्ल्यूए के साथ-साथ आम लोगों से बिजली कनेक्शन ली जाएगी, लेकिन बिजली के खर्च का भार सरकार उठाएगी। दिल्ली सरकार द्वारा उन सभी लोगों की सूची बिजली कंपनियों को दी जाएगी, जिनके बिजली कनेक्शन से कैमरों के लिए बिजली ली गई है। एक कैमरे पर महीने में करीब 6 यूनिट बिजली खर्च होगा और कंपनियों को इस बिजली खर्च का भुगतान सरकार करेगी।

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