रामलला को दी गई विवादित भूमि, सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन- सुप्रीम कोर्ट

अयोध्या, खबर संसार। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संवैधानिक बेंच ने अपना फैसला सुनाया, जिसमें अयोध्या की यह विवादित भूमि रामलला विराजमान को दी गई है।

वहीं सुन्नी वक्फ को मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है। हालांकि यह जमीन अयोध्या में ही किसी दूसरी जगह होगी। इस मामले को देखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है, वहीं दूसरे राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट की इस संविधान पीठ में जस्टिस गोगोई के अलावा जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल थे। शीर्ष अदालत ने कहा कि मस्जिद का निर्माण ‘प्रमुख स्थल’ पर किया जाना चाहिए और सरकार को उस स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट गठित करना चाहिए, जिसके प्रति अधिकांश हिन्दुओं का मानना है कि भगवान राम का जन्म वहीं पर हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है. इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. वहीं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि देशवासी संयम में रहकर खुशी मनाएं, सभी को मिल-जुलकर मंदिर बनाना है।

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