सेवा हमें ईश्वर से जोड़ती है- राजीव रौतेला

हल्द्वानी, खबर संसार। गऊ सेवा मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण कार्य है। कोई भी सेवा हमें ईश्वर से जोडती है तथा हमें सत्कर्मो के लिए प्रेरित करती है। यह बात आयुक्त कुमायू मण्डल राजीव रौतेला ने कहीं।

उन्होंने यह बातें श्री नित्यानन्द आश्रम गऊ रक्षा केन्द्र हल्दूचैड में आयाेजित समीक्षा बैठक में कही। उन्होने कहा कि संस्था द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय है। इस नेक कार्य मे जनसहभागिता होनी भी जरूरी है तथा समाज के सशक्त वर्ग को भी संस्था के साथ आना चाहिए ताकि गायों के संरक्षण सुरक्षा एवं उनके पालन पोषण के लिए आवश्यक वित्तीय पोषण हो सके।

श्री रौतेला ने बैठक मे मौजूद संयुक्त निदेशक पशुपालन डा0 पीसी काण्डपाल, महाप्रबन्धक उद्योग विपिन कुमार तथा आरएम सिडकुल पारितोष वर्मा को निर्देश दिये कि वह संयुक्त रूप से गौशाला का अध्ययन कर तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि यहां मौजूद गौवंश के जीवन के लिए आर्थिक संसाधन विकसित किये जा सकेें। उन्होने कहा कि प्रदेश में 20 गौशालायें संचालित है।

जिनको प्रदेश सरकार द्वारा राज्य सेक्टर के माध्यम से वित्त पोषित किया जाता हैै।  विगत वित्तीय वर्ष मे प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की गौशालाओं के के लिए 1 करोड 25 लाख की धनराशि अवमुक्त की थी जिसमें से हल्दूचैड की गौशाला को 18 लाख 42 हजार का धन आवंटन हुआ। उन्होने बताया कि वर्तमान में हल्दूचैड गौशाला में 815 गायें है, जिसकी देखभाल ट्रस्ट द्वारा की जा रही है।

प्रतिवर्ष संस्था को इन गायों की देखभाल के लिए लगभग 5 करोड की धनराशि की आवश्यकता है। यह गौशाला लगभग 5 एकड भूमि पर स्थापित है। उन्होने कहा कि संस्था को काॅरपरेट कार्य मंत्रालय के कम्पनी अधिनियम 2013 की धारा 467 के तहत जीव जन्तु का संरक्षण एवं पशुकल्याण के अन्तर्गत धनराशि दिलायी जायेगी।

श्री रौतेला ने कहा कि हल्दूचैड के ट्रस्ट के पदाधिकारियों एव पशुपालन विभाग के अधिकारियों को वृन्दावन तथा मथुरा मे आत्मनिर्भर गौशालाओं के अध्ययन के लिए भेजा जायेगा। उन्होने कहा कि उत्तरप्रदेश का जनपद मथुरा गौशालाओं के क्षेत्र मे काफी समृद्व एवं प्रगतिशील है। मथुरा की तर्ज पर ही मण्डल की गौशालाओं को विकसित करने के प्रयास किये जायेेंगे।

बैठक मे सचिव प्राधिकरण हरवीर सिह के अलावा श्री नित्यानन्द गऊ रक्षा ट्रस्ट के रमेश चन्द्र, नन्दाबल्लभ, मनीष जोशी एवं बचाऊ लाल यादव मौजूद थे।

ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *