मंदी की मार मचा रहा मातम ऑटो सेक्टर में लाखों युवा होंगे बेरोजगार

नई दिल्ली, खबर संसार। मंदी की मार मचा रहा मातम, जी हॉ, आपने सही सुना। वर्तमान में आटो सेक्टर में लगातार मंदी की मार से युवाओं की नौकरियों पर खतरा पैदा हो गया है। माना जा रहा है कि करीब 10 लाख नौकरियां जा सकती है।

और इतनी बड़ी संख्या में जब एकाएक युवा बेरोजगार होगा तो स्वाभाविक है उनमें और उनके घरों में मातम सा माहौल बन ही जाएगा। आटो विशेषज्ञ बता रहे है कि इस मंदी का मुख्य कारण मांग में कमजोरी, और बीएस-4 में गाडिय़ों को चेंज के लिए निवेश, इलेक्ट्रिक वाहन शुरू करने के लिए ठोस पॉलिसी का न होना। दूसरा 70 फीसदी से ज्यादा पार्ट्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है, लेकिन 30 फीसदी पार्ट्स पर 28 फीसदी जीएसटी है। इस पर एक से लेकर 15 फीसदी सेस भी लगता है, जो गाडिय़ों के साइज, इंजन के आधार पर होता है। जिसके कारण कंपनियों ने अपने सभी निवेश पर रोक लगा दी है।

कंपनियों में बंद हुआ उत्पादन गाडिय़ों और उनके पार्ट्स पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। इससे गाडिय़ों का उत्पादन मूल्य काफी बढ़ जाता है। पिछले छह महीनों से देश में वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है। देश भर में कई सारे शोरूम भी बंद हो गए हैं। ऐसे में कंपनियों के पास पहले का स्टॉक भी उठ नहीं पा रहा है। फिलहाल देश भर में कई कंपनियों ने अपनी फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप कर दिया है, और कर्मचारियों को भी छुट्टी पर भेज दिया है।

जीएसटी 18 फीसदी करने की मांग ऑटो कंपोनेंट मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ऐक्मा) ने बुधवार को सरकार से मांग की है कि वो पूरी ऑटो इंडस्ट्री पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी करे, ताकि राहत मिल सके। ऐक्मा के अध्यक्ष राम वेंकटरमानी ने कहा कि कंपनियों ने उत्पादन में 15 से 20 फीसदी की कटौती कर दी है। अगर ऐसा ही हाल रहा तो फिर आगे चलकर कंपनियां भी लोगों को नौकरी से हटाने पर मजबूर हो सकती हैं।

निसान भी दुनियाभर में कर सकती है छंटनी

वहीं, कार निर्माता कंपनी निसान ने दुनियाभर में 10,000 पदों पर छंटनी की योजना बनाई है। जापानी मीडिया ने बुधवार को सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। कंपनी की यह कोशिश खुद को मुश्किलों से उबारना है। इससे पहले मई में निसान ने 4,800 पदों पर कटौती की घोषणा की थी। पिछले वित्त वर्ष में निसान का शुद्ध लाभ एक दशक के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था। कंपनी ने अगले 12 माह तक मुश्किल कारोबार परिदृश्य की बात कही है।

ऑटो सेक्टर में मंदी पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में उस मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें बताया गया कि ऑटो सेक्टर में 10 लाख लोगों की नौकरी पर खतरा है। प्रियंका गांधी ने ऑटो सेक्टर पर चिंता जाहिर करते हुए ट्वीट किया, ऑटो सेक्टर के दस लाख लोगों की नौकरी पर खतरा है. यहां काम कर रहे लोगों को अपनी रोजी-रोटी के नए ठिकाने ढूंढने पड़ेंगे। नष्ट होते रोजगार, कमजोर पड़ते व्यापार और अर्थव्यवस्था की कमर तोडऩे वाली नीतियों पर भाजपा सरकार की चुप्पी सबसे ज्यादा खतरनाक है।

ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *