इस जिले के सांसद को किया गया जेल की सलाखों के अंदर इस अपराध हेतु

रामपुर, खबर संसार। और आखिरकार रामपुर के सांसद आजम खां जेल की सलाखों के पीछे आ ही गए। आजम ने पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्‍दुल्‍ला आजम के साथ अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।

अदालत ने तीनों को दो मार्च तक के लिए न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया है। आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला के साथ जन्म के दो प्रमाणपत्र बनवाने समेत अन्य मामलों में अदालत में पेश हुए थे। इस बीच चर्चा है कि आजम खान को रामपुर जेल से बरेली की जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।

वर्ष 2017 में सूबे में बीजेपी के नेतृत्‍व वाली योगी आदित्‍यनाथ सरकार बनने के बाद से आजम खान और उनके परिवार पर काफी मुकदमे दर्ज किए गए थे। बताया जा रहा है कि आजम खान पर इस समय 80 से ज्‍यादा मुकदमे चल रहे हैं।

इनमें से कई मामलों में न्यायालय ने उनको हाजिर होने का आदेश दिया था। अदालत की ओर से पेश होने के कई बार आदेश होने के बाद भी आजम खान गैर हाजिर होते रहे। उन्‍होंने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की लेकिन वहां से भी उनको राहत नहीं मिली।

कोर्ट ने 7 दिन के लिए न्‍यायिक हिरासत में जेल भेजा

अंतत: बुधवार को आजम खान ने अपने परिवार के साथ एडीजे 6 धीरेंद्र कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। यही नहीं न्यायालय ने आजम खान, उनकी पत्नी विधायक तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को कई मामलों में अरेस्ट वॉरंट भी जारी कर रखा था।

रामपुर की विशेष अदालत ने आजम खान, उनकी पत्‍नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्‍दुल्‍ला को दो मार्च यानि 7 दिन के लिए न्‍यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अदालत ने मंगलवार को एक मामले में उनके घर की कुर्की के आदेश भी दिए थे। आजम खान के एक मामले में दो मार्च को सुनवाई होनी है।

आजम खान के अदालत में सरेंडर के दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। इस दौरान बड़ी संख्‍या में एसपी समर्थक भी वहां मौजूद रहे। इससे पहले अदालत में गैर हाजिर रहने पर विशेष न्यायधीश एडीजे 6 की कोर्ट ने सांसद आजम खान, विधायक तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ 18 दिसंबर को धारा-82 के तहत कुर्की नोटिस देने का आदेश दिया था।

पुलिस ने उनके रामपुर स्थित आवास पर दबिश दी, नहीं मिलने पर उनके घर के बाहर धारा-82 के तहत पुलिस ने तीन कुर्की के नोटिस चस्पा कर दिए थे। इसके अलावा रिक्शे पर माइक रखकर आजम खान की संपत्ति कुर्की की घोषणा भी रामपुर में कराई गई थी। ढोलक पर मुनादी भी कराई गई थी।

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