नवरात्र के चौथे दिन करें देवी कुष्मांडा की पूजा!

नई दिल्ली (खबर संसार)। आज सुबह से ही मां कुष्माण्डा की पूजा के लिए मंदिरों में लोगों की कतार देखी जा रही है। देवी कुष्मांडा आदिशक्ति का स्वरूप हैं और उन्हें कुम्हड़े की बलि बहुत प्रिय है। मां कुष्मांडा अष्टभुजाधारी हैं। उनके आठ हाथों में कमण्डल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र, गदा व जप की माला रहती है

। मां कुष्मांडा का वाहन सिंह है और इसका निवास स्थान सूर्यमंडल के भीतर माना जाता है, कहा जाता है कि सूर्यलोक में निवास करने की क्षमता केेवल मां कुष्माण्डा में है। परिवार में खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य, यश, बल, आयु वृद्धि के लिए मां कुष्माण्डा की पूजा की जाती है। इस दिन मन को अनहत चक्र में उपासक स्थापित करते हैं। मां कुष्माण्डा को मालपुआ का नैवेध अर्पण करना चाहिए और उसे जरूरतमंद को दान कर देना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मनोबल बढ़ता है।

झंडेवालान मंदिर में फ्री रिक्शा सेवा

भक्तों की सुविधा के लिए झंडेवाला मेट्रो स्टेशन से झंडेवाला मंदिर आने व जाने के लिए मंदिर की और से नि:शुल्क ई-रिक्शा सेवा की शुरूआत की गई।

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