राम मंदिर की जमीन पर कोई समझौता संभव नहीं – सुब्रमण्यम स्वामी

नई दिल्ली (खबर संसार)आज कोर्ट तय करेगा कि रामजन्म भूमि- बाबरी मस्जिद के बीच विवाद मामले में मध्यस्थता के लिए भेजा जाए या नहीं। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, राम मंदिर की जमीन पर कोई समझौता संभव नहीं जस्टिस बोबडे ने कहा, एससीचाहता है बातचीत से हल निकले
जस्टिस बोबडे ने कहा- अयोध्या मामला सिर्फ जमीन का नहीं, भावनाओं का मामला
जस्टिस बोबडे बोले-हम पहले की घटनाओं को नहीं बदल सकते
हिंदू महासभा ने कहा कि पहले ही मध्यस्थता के प्रयास हो चुके हैं और मध्यस्थता की संभावना नहीं है
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है
पिछली सुनवाई में सभी पक्षकारों को बातचीत से मसले को सुलझाने का सुझाव दिया था।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा था कि अगर इस मसले को कोर्ट से बागर सुलझाने के लिए एक फीसदी भी गुंजाइश है तो हमें इसके लिए प्रयास करने चाहिए । ये मामला बातचीत से सुलझे  ज्यादा बेहतर होगा।
इसके बाद मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन ने कहा था कि अगर अदालत यही चाहती है तो वे इस पर विचार कर सकते हैं। उसका कहना है कि वे इसके लिए विरोध नहीं करेंगे। वहीं दूसरी ओर हिंदू पक्षकार के वकील रंजीत कुमार ने कहा है कि इस तरह का प्रयास पहले भी कई बार हो चुका है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। जिससे मध्यस्था संभव नहीं है अब सिर्फ सुनवाई ही होनी चाहिए। मामले की सुनवाई पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने की जिसमें प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर हैं।
शीर्ष अदालत ने इससे पहले 29 जनवरी को प्रस्तावित सुनवाई को 27 जनवरी को रद्द कर दिया था क्योंकि न्यायमूर्ति बोबडे उस दिन उपलब्ध नहीं थे। इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 अपीलें दाखिल की गई हैं।

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