रोटी है ना रोजी है उस पर सड़कें टूटी है राज्य में जनता का बुरा हाल- इंदिरा

हल्द्वानी, खबर संसार। वर्तमान भाजपा सरकार का तीन साल निराशाजनक कार्यकाल पूरा हो गया है। 18 मार्च को जश्र की तैयारियां हो रही थी, उसे अब रद्द कर दिया गया है। 3 वर्षो की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बेरोजगारी की दर बढ़कर 142 प्रतिशत हो गयी है।

इस प्रकार यह आकड़ा पूरे देश में सर्वाधिक है। विकासशील देशों में बेरोजगारी की अधिकतक दर 7 से 8 प्रतिशत रहती है। विश्व के सर्वाधिक जनसंख्या वाले चीन में भी यह 3 से 4 प्रतिशत ही है। बेराजगारी को रोकने के लिए कोई कारगर कदम उठाने के बजाय प्रदेश की सितारगंज, बाजपुर की चीनी मिलों सहित कई संस्थानों को बंन्द कर हजारों परिवारों को रोजगार से वंचित कर दिया गया है। 3 वर्ष की दूसरी सबसे बड़़ी उपब्धि प्रदेश में जर्जर सकड़ें, गढ्ढों से पटी पड़ी गलियों के कारण प्रदेश में आवागन कठिन होता जा रहा है।

आम आदमी मंहगाई से त्रस्त है तथा व्यापारी वर्ग आर्थिक मंदी झेल रहा

आज देश का आम आदमी मंहगाई से त्रस्त है तथा व्यापारी वर्ग आर्थिक मंदी झेल रहा है। 100 दिन में मंहगाई करने करनेे का वायदा करने वाली भाजपा सरकार ने मंहगाई से प्रदेश की जनता का बुरा हाल कर दिया। पेट्रोलिय पदार्थो के दामों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण आम जन पीडि़त है। कांग्रेस शासन में गैस के दाम 450 रूपये प्रति सिलेण्डर थे जो भाजपा शासन में बढ़कर 1000 रूपये हो चुके है।

जिसके कारण आम आदमी को दो वक्त की रोटी के लिए संषर्घ करना पड़ रहा है। नोटबंदी और जीएसटी के अविवेकपूर्ण फैसलों के कारण देश में लाखों लोग बर्बाद हो चुके है। मध्यम वर्ग के व्यवसियों का कारोबार चौतरफा प्रभावित हो हुआ है। देश भारी मंदी के दौर से गुजर रहा है तथा देश की अर्थव्यस्था छिन्न-भिन्न होकर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुच चुकी है।

जीएसटी व नोटबंदी के दुष्परिणामों से व्यापारियों के व्यापर उजड गए है तथा उत्तराखंड जैसे राज्य में पहली बार तीन व्यापारी आत्महत्या कर चुके है। कांग्रेस सरकार ने खाद्यान्न में एपीएल कार्ड धारकों को 5 रूपये किलों गेंहू और 9 रूपये किलो चाव का प्रावधान किया थाञ इस सरकार ने सत्ता में आते ही उसके दाम बढ़ाकर 9 रूपये प्रतिकिलों गूेंह और 15 रूपये प्रतिकिलो चावल कर दिया था तथा चावल की मात्रा भी 10 किलों से घटाकर २ किलों कर दी गई। मिट्टी का तेल एवं राशन की चीनी पूर्णत: बंद कर दी गई। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में गरीब व्यक्ति को चीनी 13 रूपये 60 पैसे प्रतिकिलों मिलती थी जो सब्सिडी समाप्त होने के बाद अब गरीब जनता को 45 रूपये खरीदनी पड़ रही है।

भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में अपने दृष्टि पत्र में राज्य के किसानों से वादा किया था कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने की दशा में किसानों के ऋण माफ किये जायेंगे तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 15 दिन के अंदर कर दिया जाएगा। जो अभी तक नहीं किया गया जिससे गरीब किसान आत्महत्या कर रहे है।

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