खबर संसार देहरादून.धामी सरकार के जीरो टॉलरन्स नीति पर चलते हुए विजिलेंन्स आये दिन बड़े खुलासे करती जा रही है. कल भी शत्रु संपत्ति को भूमाफिया को खुर्द बुर्द आरोप में वरिष्ठ पीसीएस हरवीर सिंह सहित कई के खिलाफ विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज कराया.वरिष्ठ पीसीएस हरवीर सिंह सहित कई के खिलाफ विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज कराया उनपर शत्रु संपत्ति को भू माफिया से मिलकर खुर्द बुर्द की संलिप्ता के सबूत मिले है कि बात बताई जा रही है .जी हा हरिद्वार के ज्वालापुर में भारत सरकार की शत्रु संपत्ति खुर्द-बुर्द करने का बड़ा मामला सामने आया है। विजिलेंस ने इस मामले में 10 सरकारीअधिकारियों-कर्मचारियों सहित 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
विजिलेंन्स का चला हंटर पीसीएस हरवीर सिंह सहित कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज
खुर्द बुर्द के मामले में हरिद्वार के तत्कालीन एसडीएम हरबीर सिंह भी आरोपी बनाए गए हैं।उनके साथ ही तत्कालीन कानूनगो श्रवण कुमार, चार तत्कालीन लेखपाल अनिल कुमार काम्बोज, नीरज तोमर, बिजेन्द्र गिरी व बिजेन्द्र कश्यप, तत्कालीन शासकीय अधिवक्ता सुखपाल सिंह, हरिद्वार के तीन तत्कालीन उपनिबंधक एसबी शर्मा, हरिकृष्ण शुक्ला,मायाराम जोशी आरोपी बनाए गए हैं।
ज्वालापुर में काफी बड़े क्षेत्रफल में शत्रु संपत्ति मौजूद है। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में कुछ अफसरों और कर्मचारियों ने निजी लोगों के साथ मिलकर इनकी रजिस्ट्री करवानी शुरू कर दी। इस तरह वहां बड़े पैमाने पर शत्रु संपत्तियां बेची गईं। शिकायत पर विजिलेंस ने जांच शुरू की। पता चला कि मौके पर वाकई में शत्रु संपत्तियों को खुर्द-बुर्द कर निजी लोगों को बेचा गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों की भी भूमिका सामने आई। लोक सेवकों, अधिवक्ताओं और भू-माफिया ने सांठ-गांठ कर भारत सरकार की भूमि को खुर्द-बुर्द कर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बेचा। एसपी विजिलेंस देहरादून सेक्टर रेनू लोहनी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है।चार अधिवक्ता भी शामिल है मामले में जिसमे अधिवक्ता सिंह वर्मा, सज्जाद, मोहन लाल शर्मा, यशपाल सिंह चौहान, राजकुमार उपाध्याय भी आरोपी बनाए गए हैं। इसके अलावा रियाज अहमद, शरीफ अहमद, शौकत उर्फ चीचू, वाहिदा, सलीम, जुलेखा, कारी मुस्तफा, कोमल, विनोद मलिक, रेशमा, प्यारेलाल, सफदर अली, संजीदा के नाम शामिल हैं, जिनमें भूमाफिया भी शामिल हैं।हरवीर सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए जब उनको कॉल किया तो कोई रिप्लाई नहीं मिला.फिलहाल विजिलेंस की नजर इस तरह के मामलों में लगातार बनी हुई है.
