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कोरोना – बाजार में मिल रहा नकली Rxremdesivir ऐसे करें पहचान

खबर संसार, नई दिल्ली: कोरोना – बाजार में मिल रहा नकली Rxremdesivir  ऐसे करें पहचान। कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में रेमडेसिवीर इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। कोरोना की इस महामारी से अब कई की मौत हो चुकी है, लेकिन कुछ मुनाफाखोर इस महामारी में भी बाज नहीं आ रहे हैं।

महंगे दाम पर बिकने वाली नकली Rxremdesivir ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली- एनसीआर में हाल के दिनों में नकली रेमडेसिविर बनाने और बेचने का मामला सामना आया है। कोरोना के इलाज में काम आ रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने तीन मुलजिमों को गिरफ्तार किया है। वे रेमडेसिविर का एक इंजेक्शन 40 हजार रुपये में बेच रहे थे।

इस समय भारत में अलग अलग कम्पनियां Remdesivir Injection का उत्पादन कर रही हैं। इसकी एक Vial की कीमत 899 रुपये से लेकर 5400 रुपये तक है,  दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने भी इसको लेकर ट्वीट किया है। उनकी ओर से बताया गया है कि कैसे असली और नकली दवा की पहचान करें।

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क्या है रेमडेसिविर ?

रेमडेसिविर एंटी वायरल दवाई है. एंटी वायरल का मतलब है कि ये दवाई शरीर में संक्रमित कोशिशकाओं को ठीक करने और Virus Replication को रोकने का काम करती है. सरल शब्दों में कहें तो जब वायरस शरीर में फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है तो वायरस से लड़ने के लिए और नुकसान को रोकने के लिए ये दवाई दी जाती है.

ऐसे करें पहचान
  • असली Rxremdesivir  के पैकेट पर अंग्रेजी में For use in लिखा है जबकि नकली वाले में  for use in… दोनों में Capital F का अंतर है। असली पैकेट के पीछे चेतावनी लाल रंग से है जबकि नकली पैकेट पर चेतावनी काले रंग में है।
  • असली रेमडेसिवीर पर 100 mg/Vial लिखा होगा, जबकि नकली पर 100 mg/vial लिखा है। केवल Capital V का अंतर होगा।
  • असली Rxremdesivir  के पैकेट के पीछे चेतावनी लेबल रेड कलर में होता है, जबकि नकली पर लेबल ब्लैक रंग में है।
  • फेक रेमडेसिवीर पैकेट पर पूरे पते में स्पेलिंग की गलतियां हैं।

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