Wednesday, November 30, 2022
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Krishi Kanoon के खिलाफ किसान भूख हड़ताल बैठे

नई दिल्ली, खबर संसार। किसान आंदोलन का आज 19वेें दिन कृषि कानूनों (Krishi Kanoon) के खिलाफ किसान (Farmers Protest) आज भूख हड़ताल कर रहे हैं। दिल्ली के सिंधु बॉर्डर से लेकर यूपी-दिल्ली सीमा के गाजीपुर तक किसान सुबह से उपवास पर बैठे हुए हैं।

वहीं, दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले चिल्ली बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के बड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। बता दें कि चिल्ला बॉर्डर किसानों के प्रदर्शन का हॉट स्पॉट बना हुआ है। किसान कई दिनों से यहां डटे हुए हैं।

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थोड़ी देर में कृषि मामलों को लेकर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक होगी, जिसमें अमित शाह भी शामिल होंगे। बता दें कि शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसान नेताओं से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं।

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने दिल्ली से मेरठ-गाजियाबाद जाने वाले रुट को भी ब्लॉक कर दिया है। कुछ किसान अचानक दूसरे कैरिज वे पर चले गए और रास्ता ब्लॉक किया। पुलिस हटाने की कोशिश कर रही है।

भाकियू ने केंद्र पर Krishi Kanoon को लेकर लगाया आरोप

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चौधनी ने कहा कि सरकार MSP के मुद्दे पर गुमराह कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर की मीटिंग में हमें बताया था कि सरकार सभी 23 फसलों को MSP के तहत नहीं खरीद सकती है क्योंकि इसपर 17 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

इस बीच गाजीपुर सीमा को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। गाजियाबाद से आने वाले ट्रैफिक को किसानों के आंदोलन के कारण डायवर्ट किया गया है। लोगों को वैकल्पिक रास्ता अपनाने की सलाह दी गई है।

दिल्ली में भी किसान नेता भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। टिकरी बॉर्डर पर बैठे पर आल इंडिया किसान सभा बालकरन सिंह बरार ने कहा कि केंद्र सरकार जिद पर अड़ी हुई है। यह उपवास केंद्र को जगाने के लिए है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा है, ‘यह आपका छल है। आपने पंजाब विधानसभा चुनाव में APMC ऐक्ट में संशोधन का वादा किया था। आपने नवंबर 2020 में दिल्ली में एक किसान कानून को नोटिफाइ किया है और आज आप उपवास पर बैठ रहे हैं। यह कुछ और नहीं बल्कि पाखंड है।’

किसान संगठन बोले- आपस में कोई मतभेद नहीं

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के बीच कोई विवाद नहीं है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) गुट के तीन नेताओं ने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि वे अध्यक्ष भानु प्रताप सिंहसे नाराज कि आखिर उन्होंने सरकार से समझौता क्यों किया।
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