सर्दियों में औषधीय गुणों से भरपूर Muleti कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाती है। लेकिन आपको यह पता होना चाहिए कि इस मौसम में मुलेठी का कब और कितनी मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि Muleti का सेवन करने से क्या फायदा मिलता है और इसका कैसे सेवन करना चाहिए।
मुलेठी खाने के लाभ
सर्दियों में मुलेठी खाने से कई फायदे मिलते हैं और आप मुलेठी पाउडर से लेकर डंठल, चाय और काढ़ा आदि सभी दवा का काम करते हैं। वहीं इसके सेवन से हेल्थ प्रॉब्लम नहीं होती है। बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए मुलेठी काफी फायदेमंद होती है।
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इम्यूनिटी
बता दें कि Muleti एंटीफंगल, एंटीऑक्सिडेंट और एंटीवायरल से भरपूर होती है। वहीं रोजाना इसके सेवन से इम्यूनिटी बढ़ती है। वहीं सर्दी-जुकाम से बचाव होता है। आप रोजाना सुबह मुलेठी का डंठल चूस सकते हैं या फिर मुलेठी पाउडर का सेवन कर सकते हैं।
सीजनल इंफेक्शन
मौसम बदलते ही कमजोर इम्यूनिटी के कारण कई लोगों को इंफेक्शन की समस्या होने लगती। वहीं मुलेठी में एंजाइम पाया जाता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाता है। वहीं इसके सेवन से मौसम बदलने पर इंफेक्शन नहीं होता है।
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दर्द और सूजन
ठंड के मौसम में Muleti खाने से दर्द और सूजन में राहत पायी जा सकती है। इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में दर्द और सूजन पैदा करने वाले फ्री रेडिकल के प्रभाव को कम करता है।
वहीं इसमें पेट में ऐंठन, सूजन, डिमल्सेंट गुण और जलन को कम करने वाला गुण पाया जाता है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल हेल्थ के लिए मुलेठी का सेवन लाभकारी होता है और सूजन की समस्या कम होती है। वहीं यह अल्सर में भी फायदेमंद होता है।
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डायबिटीज के रोगियों के लिए लाभकारी
मुलेठी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपरग्लाइसेमिक गुण डायबिटीज के रोगियों को फायदा पहुंचाने का काम करता है। एक अध्ययन के अनुसार, मुलेठी के अर्क का सेवन करने से ब्लड ग्लूकोज के लेवल में कमी आती है। जिससे डायबिटीज के इलाज में फायदा मिलता है।
साफ होगा गला
गले में किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचने के लिए मुलेठी का सेवन करना चाहिए। यह गले को साथ करने के साथ ही खराश की शिकायत को भी कम करता है। बता दें कि अपने गले को साफ और सुरक्षित करने के लिए कई लोग मुलेठी का सेवन करते हैं।
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ऐसे करें मुलेठी का सेवन
मुलेठी का लाभ लेने के लिए इसको सही समय और सही मात्रा में सेवन करना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि सर्दियों में आपको कब और कितनी मुलेठी का सेवन करना चाहिए।
सर्दी-जुकाम से मिलेगी राहत
मौसम में बदलाव होने पर सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और नाक बहने लगती है। ऐसे में मुलेठी का सेवन आपको फायदा दे सकता है। क्योंकि मुलेठी में एंटीफंगल, एंटीऑक्सिडेंट और एंटीवायरल गुण पाया जाता है। जो आपको जल्द राहत देने का काम करते हैं। अगर आपके पास मुलेठी की चाय या पाउडर बनाने का समय नहीं है, तो आप मुलेठी का डंठल भी चूस दे सकते हैं। इससे भी आपको सर्दी-जुकाम और खांसी से राहत मिलेगी।
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शहद और अदरक के साथ मुलेठी का सेवन
मुलेठी का ज्यादा फायदा पाने के लिए मुलेठी पाउडर को शहद और अदरक के रस के साथ मिलाकर खाना चाहिए। इस मिश्रण को दिन में दो बार लेने से आपको जल्द आराम मिलेगा। मुलेठी का स्वाद बच्चों को पसंद नहीं आता है। ऐसे में आप इसको शहद में मिलाकर बच्चे को खिला सकते हैं।
कब और कितनी खाएं मुलेठी
- कहा जाता है कि किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती है। ऐसा मुलेठी के साथ भी होता है। इसका ज्यादा सेवन आपको नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसका सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए।
- अगर आपको सर्दी-जुकाम है, तो पूरे दिन में आधा इंच मुलेठी की डंठल को दो बार चूसें। इससे आपको जल्द ही आराम मिलेगा।
- सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या होने पर अदरक का रस और शहद में मुलेठी पाउडर मिलाकर इसको एक बोतल में रख लें। फिर दिन में दो बार इसको खाएं। इससे आपको जल्द ही आराम मिलेगा।
ऐसे बनाकर तैयार करें मुलेठी की चाय
बता दें कि मुलेठी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। साथ ही इस चाय के सेवन से सर्दी-खांसी से राहत मिलती है। मुलेठी की चाय बनाने के लिए सबसे पहले 3 कप पानी में आधा इंच अदरक का टुकड़ा, 2 इंच मुलेठी का टुकड़ा या 1 चम्मच मुलेठी पाउडर और आधा इंच दालचीनी मिलाएं। अब इस पानी को करीब 10 मिनट तक उबालें। जब यह पानी उबलते हुए 2 कप बचे, तो इसको छानकर गरम-गरम पी लें। यदि रोजाना मुलेठी की चाय का सेवन करते हैं, तो बहती नाक, खांसी और सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। साथ ही इससे इम्यूनिटी भी बढ़ती है।
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