Wednesday, May 29, 2024
HomeAstrologyआज है महाशिवरात्रि,बन रहे है कुछ खास सयोंग

आज है महाशिवरात्रि,बन रहे है कुछ खास सयोंग

खबर संसारज्योतिषाचार्य डॉ मंजू जोशी हल्द्वानी।18 फरवरी 2023 दिन शनिवार को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा।प्रतिवर्ष फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। *शिवपुराण में वर्णित है भगवान भोलेनाथ के निष्कल यानि निराकार स्वरूप का प्रतीक *लिंग* *इसी पावन तिथि की महा रात्रि में प्रकट होकर सर्वप्रथम ब्रह्मा और विष्णु के द्वारा पूजित हुआ था* इसी कारण यह तिथि शिवरात्रि के नाम से विख्यात हो गई। महाशिवरात्रि पर्व देवी पार्वती एवं शिव के विवाह की तिथि के रूप में मनाई जाती है। ( शिवरात्रि प्रतिमाह मनाई जाती है)।

इस शिवरात्रि पर्व पर कुछ खास संयोग बनने जा रहे हैं– सर्वार्थ सिद्धि योग, शंख योग,महाशिवरात्रि पर शनि प्रदोष व्रत भी होगा जोकि पुत्र संतति प्राप्त करने हेतु अति शुभ, देव गुरु बृहस्पति अपनी स्वराशि मीन में विराजमान होंगे एवं शुक्र अपनी उच्च राशि में विराजमान होंगे। सूर्य देव एवं शनि कुंभ राशि में विराजमान होकर शुभ फल प्रदान करेंगे विशेषकर साढ़ेसाती एवं ढैया से पीड़ित जातकों को शिव पूजा से विशेष लाभ प्राप्त होगा।

*मुहूर्त*
चतुर्दशी तिथि(शिवरात्रि) 18 फरवरी 2023 सायंकाल 8:05 से 19 मार्च दोपहर 4:21 तक ( *चूंकि शिवरात्रि में रात्रि की पूजा का विधान है इस कारण शिवरात्रि पर्व 18 फरवरी 2023 को मनाया जाएगा*) ।
शिवरात्रि से ही विदित होता है कि शिवरात्रि में पूजा रात्रि के समय की जाती है तो आपको अवगत करा दें शिवरात्रि की पूजा चार प्रहर में करने का विधान है।
प्रथम प्रहर की पूजा का समय रहेगा सायंकाल 6:13 मिनट से 9:24 तक। दूसरे प्रहर की पूजा का समय रहेगा रात्रि 9:24 से 12:35 तक।
तीसरे पहर की पूजा का समय रहेगा रात्रि 12:35 से प्रातः 3:46 मिनट तक।
चौथे चरण की पूजा का समय रहेगा प्रातः काल 3:46 से 6:56 तक।
*महाशिवरात्रि निशिता काल पूजा मुहूर्त*
18/19 फरवरी रात्रि 12:09 मिनट से रात्रि 1:00 बजे तक।
महाशिवरात्रि व्रत पारण 19 फरवरी प्रातः 5:57 से दोपहर 3:24 तक।
*पूजा विधि*
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म से निवृत्त हो संपूर्ण घर में मंदिर को स्वच्छ कर स्नानादि करने के उपरांत शिवालय जाकर शिवलिंग पर 108 या 11 लोटा जल अर्पित करें। घर के मंदिर में तिल के तेल से अखंड ज्योत प्रज्वलित करें। भोलेनाथ एवं देवी पार्वती की मूर्ति स्थापित करें। पंचामृत से स्नान कराएं। शुद्ध जल से स्नान कराएं। भोलेनाथ एवं देवी पार्वती का श्रंगार करें, देवी पार्वती को सोलह श्रृंगार अर्पित करें। पीले चंदन से तिलक लगाएं। बेलपत्र, भांग, गन्ने का रस, लौंग, इलाइची, शहद, धतूरा, जायफल, कमल गट्टा, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं, सफेद वस्त्र या बागांबरी छाल अर्पित करें। भगवान भोलेनाथ को हल्दी तुलसी के पत्ते ना चढ़ाएं। केसर युक्त खीर का भोग लगाकर प्रसाद वितरित करें। भोलेनाथ के 108 नामों का पाठ करें। शिव पुराण का पाठ भी अति शुभ फल कारक रहेगा। इसके अतिरिक्त महाशिवरात्रि पर शिवजी को प्रसन्न करने हेतु अन्य उपाय भी कर सकते हैं जैसे कि शिवजी को तीन पत्तों वाला 108 बेलपत्र चढ़ाएं। भगवान भोलेनाथ को भांग अति प्रिय है इसलिए इस दिन भांग को दूध में मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। केसर युक्त दूध अर्पित करें इससे जीवन में सुख बढ़ता है। जल में गंगा जल मिलाकर शिवजी को अर्पित करें इससे मन प्रसन्न रहता है। रुद्राभिषेक कर सकते हैं। जिन जातकों के विवाह में विलंब हो रहा है उन सभी को शिवरात्रि का उपवास कर देवी पार्वती को सुहाग से संबंधित वस्तुएं चढ़ाने से अति शीघ्र विवाह संपन्न होगा। इस उपवास के रखने मात्र से ही सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है और आत्मा की शुद्धि होती है।
*शिवरात्रि का वैज्ञानिक कारण*
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महाशिवरात्रि का पर्व विशेष महत्वपूर्ण है इस रात्रि ग्रह उत्तरी गोलार्ध में इस प्रकार अवस्थित होते है कि मनुष्य के भीतर की उर्जा प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर जाने लगती है यानी प्रकृति स्वयं मनुष्य को उसके आध्यात्मिक शिखर तक जाने में मदद कर रही होती है धार्मिक रूप से बात करें तो प्रकृति उस रात मनुष्य को परमात्मा से जोड़ती है इसका पूरा लाभ मनुष्य को मिल सके इसलिए महाशिवरात्रि की रात में जागरण करने व रीढ़ की हड्डी सीधी करके ध्यान मुद्रा में बैठने की बात कही गई है।

RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.