Wednesday, February 28, 2024
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अग्निवीर व परमानेंट सैनिकों की शहादत पर मिलने वाले मुआवजे में क्‍या है अंतर

सियाचिन सीमा पर अग्निवीर लक्ष्मण के बलिदान के बाद, केंद्र सरकार ने अग्निवीर के परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है, जिसमें कई वित्तीय सहायता शामिल हैं। सरकार का अग्नि पथ कार्यक्रम अपने लॉन्च के बाद से ही चर्चा में है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अग्निवीर गवाते की मौत पर दुख जताया और कहा कि अग्निपथ योजना भारत के वीराें का अपमान है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने परिवार के लिए कोई कार्य मुआवजा, भत्ता या पेंशन नहीं मिलेगी।

हालांकि, सरकार ने अग्निवीर के परिवार के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की। कृपया मुझे बताएं कि अग्निवीर की शहादत पर शोक संतप्त परिवार को दिया जाने वाला मुआवजा सेना के नियमित जवानों को दिए जाने वाले मुआवजे से कैसे अलग है।

अग्निवीर की मत्यु होने पर परिवार को फाइनेंशियल हेल्प

  • परिजनों को अंशदायी बीमा के रूप में 48 लाख रुपये मिलेंगे।
  • अग्निवीर के परिवार को 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी मिलेगी।
  • अग्निवीर के परिजनों को अग्निवीर द्वारा योगदान की गई सेवा निधि (30 प्रतिशत) से एक राशि भी मिलेगी, जिसमें सरकार द्वारा समान योगदान और उस पर ब्याज भी शामिल होगा।
  • साथ ही अग्निवीर की मृत्यु की तारीख से चार साल पूरे होने तक परिजनों को शेष कार्यकाल का भी पैसा मिलेगा। यह राशि 13 लाख से अधिक होगी।
  • सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष से अग्निवीर के परिजनों को 8 लाख रुपये का योगदान दिया जाएगा।
  • आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की ओर से तत्काल 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता।
  • कुल मिलाकर यह धनराशि 1 करोड़, 13 लाख से अधिक है।

सेना का जवान शहीद होने पर परिवार को फाइनेंशियल हेल्प

  • सेना का परमानेंट सैनिक के शहीद होने पर परिवार को आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस के तौर पर 25-45 लाख रुपये मिलते हैं।
  • आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन, सैनिक कल्याण बोर्ड समेत कई संगठन परिवार की वित्तीय मदद करते हैं।
  • शहीद जवानों की पत्नियों के हर महीने पेंशन मिलती है।
  • केंद्र सरकार की ओर से 10 लाख रुपये और शहीद की राज्य सरकार भी वित्तीय मदद मदद देती है।
  • राज्यों की ओर से मदद के तौर पर दी जाने वाली धनराशि अलग-अलग हैं।
  • आर्मी सेंट्रल वेलफेयर फंड से 8 लाख रुपये मिलते हैं।
  • शहीदों के परिवार के बच्चों को पढ़ाई और इलाज के खर्च में छूट देती है
  • शहीद सैनिकों के बच्चों को पूरी ट्यूशन फीस मिलती है। साथ में स्कूल बस का खर्च और रेलवे पास भी मिलता है।
  • बोर्डिंग स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों की हॉस्टल फीस दी जाती है। हर साल कॉपी-किताब के लिए 2000 रुपये, यूनिफॉर्म के लिए 2000 रुपये तक और कपड़ों के लिए 700 रुपये तक दिए जाते हैं।
  • ईसीएचएस में फ्री इलाज भी मिलता है।
  • मिलता है पेट्रोल पंप
  • शहीदों की पत्नियों या आश्रितों के लिए पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) द्वारा पेट्रोल पंप का आवंटन जैसी कई पुनर्वास योजनाएं भी चलाई जाती हैं।
  • शहीद के परिवारों को एलपीजी गैस एजेंसी लेने में भी छूट मिलती है।

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