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WHO के जांच दल ने कहा, वुहान लैब से ही फैला कोरोना वायरस?

वुहान, खबर संसार। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) का जांच दल बुधवार को चीन के वुहान लैब पहुंचा। कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने पहुंची WHO की टीम ने कहा है कि उन्‍हें वे आंकड़े मिले हैं जो अब तक किसी ने भी नहीं देखा था।

विशेषज्ञों के दल ने इस बात की संभावना को खारिज नहीं किया कि यह कोरोना वायरस एक लैब से निकला था। कोरोना वायरस को लेकर हुई गड़बड़‍ियों में चीन की मदद को लेकर घ‍िरे WHO के जांच दल को पेइचिंग ने पहली बार वुहान लैब में जाने की अनुमति दी है।

WHO के दल ने बुधवार को चीनी शहर वुहान में उस अनुसंधान केंद्र का दौरा किया जो कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर अटकलों का विषय बना हुआ है। दल के एक सदस्य ने कहा कि उनका इरादा प्रमुख कर्मचारियों से मुलाकात करने और अहम मुद्दों पर उनसे जानकारी लेना है।

वायरस की उत्पत्ति कहां से हुई और वह कहां से फैला, इस पर आंकड़े जुटाने और खोज के लिए चीन पहुंचे WHO के दल का वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी का दौरा उसके अभियान का मुख्य बिंदु है।

जापानी प्रसारक टीबीएस द्वारा प्रसारित फुटेज के मुताबिक, प्राणीविज्ञानी और दल के सदस्य पीटर दासजक ने कहा, ‘हम यहां सभी प्रमुख लोगों से मुलाकात करने और उनसे वे महत्वपूर्ण सवाल पूछने की मंशा रखते हैं जिन्हें पूछे जाने की जरूरत है।

वुहान से वायरस के प्रसार की संभावना से चीन ने इंकार किया था

चीन ने वुहान से कोरोना वायरस के प्रसार की संभावना से न सिर्फ साफ इनकार किया है बल्कि उसका कहना है कि वायरस कहीं और से फैला या बाहर से आयातित प्रशीतित समुद्री उत्पादों के पैकेट से देश में आया है।

चीन के इस तर्क को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों एवं एजेंसियों ने बार-बार खारिज किया है। संस्थान की उप निदेशक शी झेंगली एक विषाणु विशेषज्ञ हैं। वह 2003 में चीन में महामारी के रूप में फैले सार्स के उद्भव का पता लगाने वाले डब्ल्यूएचओ के दल का भी हिस्सा थीं जिसके सदस्य दासजक भी थे।

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उन्होंने कई पत्रिकाओं में लेख लिखे हैं और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन तथा अमेरिकी अधिकारियों के सिद्धांतों को खारिज करने का काम किया है कि वायरस का इस्तेमाल जैविक हथियार के रूप में किया गया या फिर संस्थान से यह ‘लीक’ हुआ।

डब्ल्यूएचओ के दल में 10 देशों से विशेषज्ञ शामिल हैं। दल ने दो सप्ताह पृथक-वास में रहने के बाद अस्पतालों, अनुसंधान संस्थानों और मांस की बिक्री के लिए पारंपरिक बाजार का दौरा किया।

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