देहरादून। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राजाजी टाइगर रिजर्व के आशारोड़ी जंगल क्षेत्र में बनी “वन मस्जिद” को सोमवार को सील कर दिया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे, जिसके बाद रिजर्व प्रशासन ने पुलिस बल के साथ मस्जिद को सील किया।
क्यों सील हुई वन मस्जिद?
राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन का कहना है कि आशारोड़ी क्षेत्र कोर जोन में आता है, जहां किसी भी तरह का निर्माण कार्य वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है। फॉरेस्ट अधिकारियों ने मस्जिद को नोटिस जारी कर निर्माण को अवैध बताया था और कमेटी से जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। अभिलेख प्रस्तुत न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
याचिका पहुंची सुप्रीम कोर्ट तक
सूत्रों के अनुसार, इस मस्जिद को लेकर पहले नोटिस जारी होने के बाद कुछ संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका दावा था कि यह संरचना टाइगर रिजर्व बनने से पहले की है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फिलहाल मस्जिद को सील करने और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
राजाजी रिजर्व प्रशासन ने साफ किया है कि रिजर्व क्षेत्र में कोई धार्मिक या अन्य निर्माण की अनुमति नहीं है। वनभूमि पर बने ढांचों को हटाने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। उत्तराखंड सरकार भी अवैध निर्माणों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक राज्य में 552 अवैध मज़ारें ध्वस्त, 242 मदरसे सील और 9000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि लैंड जिहाद से मुक्त कराई जा चुकी है।
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