आज के समय में लोन और ईएमआई हर व्यक्ति की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। घर, गाड़ी, मोबाइल या किसी भी जरूरत को पूरा करने के लिए लोग लोन लेते हैं। लेकिन कई बार किस्मत ऐसी करवट लेती है कि ईएमआई चुकाना मुश्किल हो जाता है और कर्ज बढ़ने लगता है। ऐसे में ज्योतिषीय दृष्टि से यह जानना जरूरी हो जाता है कि आपकी कुंडली में लोन चुकाने का योग है या नहीं।
कुंडली में छठा भाव बताता है कर्ज का संकेत
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, कुंडली का छठा भाव कर्ज और ऋण से जुड़ा होता है। यदि इस भाव में शुभ ग्रह स्थित हों या छठे घर के स्वामी शुभ ग्रह हों और उनकी दशा चल रही हो, तो व्यक्ति आसानी से लोन प्राप्त करता है और उसे समय पर चुका भी देता है। वहीं अशुभ ग्रहों की स्थिति होने पर व्यक्ति कर्ज में फंस सकता है। इस स्थिति में विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह लेना लाभदायक रहता है।
धन और लाभ भाव से बनता है लोन चुकाने का योग
कुंडली का दूसरा भाव धन संचय और एकादश भाव लाभ का प्रतीक है। जब इन दोनों भावों के स्वामी ग्रहों के बीच युति या दृष्टि संबंध बनता है, तो व्यक्ति की आय स्थिर रहती है और वह अपने कर्ज को आसानी से चुका सकता है। इस योग से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और वित्तीय संकट से राहत मिलती है।
गुरु की कृपा से होती है ऋण मुक्ति
ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) को धन और ज्ञान का कारक माना गया है। यदि गुरु आपकी कुंडली के दूसरे, ग्यारहवें या नवें भाव को देख रहा हो, तो यह संकेत है कि आपकी आमदनी बढ़ेगी और आप लोन से मुक्ति पा सकते हैं। साथ ही शनि, मंगल, सूर्य और बुध की शुभ स्थिति भी आर्थिक स्थिरता बनाए रखती है।
लोन और ईएमआई से मुक्ति के उपाय
अगर आप कर्ज से परेशान हैं, तो इन ज्योतिषीय उपायों को अपनाएं:
- लाल मिर्च और लाल चंदन मिलाकर सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
- ऋणमोचन गणेश स्तोत्र का नित्य पाठ करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
- ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का नियमित पाठ करें।
लोन और ईएमआई जीवन की आवश्यकता तो हैं, लेकिन सही ग्रह योग और उपाय अपनाकर आप इन्हें अपने जीवन में संतुलन का साधन बना सकते हैं, समस्या नहीं।
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