उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का असर चारधाम यात्रा और पर्वतीय क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार रात से लगातार वर्षा होने के कारण यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने एहतियातन हजारों श्रद्धालुओं को गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, शेरसी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड सहित विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर रोका है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित पहुंचाया जा रहा
केदारनाथ धाम से वापस लौट रहे यात्रियों को प्रशासन की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं। यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है और मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब मार्ग पर बढ़ा यातायात दबाव
चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन करीब 30 से 35 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंच रहे हैं, जबकि हेमकुंड साहिब में रोजाना 5 से 10 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। जोशीमठ से मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग के बीच लगभग 10 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त होने से कई वाहन रास्ते में खराब हो रहे हैं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। पुलिस और प्रशासन यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में जुटे हुए हैं।
रीठा साहिब में उफनती नदी से 50 से अधिक श्रद्धालुओं का रेस्क्यू
चंपावत जिले के प्रसिद्ध रीठा साहिब गुरुद्वारे में आयोजित जोड़ मेले के दौरान भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस दौरान 50 से अधिक श्रद्धालु नदी के बीच फंस गए।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर झरने का तेज बहाव बना परेशानी का कारण
विकासनगर क्षेत्र में दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर भी बारिश का असर देखने को मिला। जुड्डो और लखवाड़ के बीच स्थित झरना अचानक उफान पर आ गया, जिससे चारधाम यात्रा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
तेज बहाव के कारण कई वाहन घंटों तक रास्ते में फंसे रहे। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी वाहन को नुकसान नहीं पहुंचा। जलस्तर कम होने के बाद यातायात को फिर से बहाल कर दिया गया।
मौसम विभाग ने जारी किया सतर्कता अलर्ट
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने को कहा है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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