उत्तर प्रदेश, खबर संसार। Kisan Morcha ने लखीमपुर में किसानों के ऊपर जोर-जुल्म को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। विरोध में 18 अक्टूबर को ‘रेल रोको’ आंदोलन किया जाएगा। किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ हिंसक रुख अपनाया है। हम हिंसा की राह पर नहीं जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष को गिरफ्तार किया जाए। किसान नेता योगेंद्र यादव ने लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर केंद्रीय मंत्री को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को दशहरा के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह का पुतला जलाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा (Kisan Morcha) के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में 18 अक्टूबर को ‘रेल रोको’ आंदोलन किया जाएगा।
लखीमपुर की घटना किसी साजिश का हिस्सा
नेताओं ने कहा कि लखीमपुर की घटना पहले से रची गई साजिश का हिस्सा है। हमलावरों ने किसानों को आतंकित करने की कोशिश की। किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि इस रवैये के खिलाफ किसान मोर्चा (Kisan Morcha) आगामी 26 अक्टूबर को लखनऊ में महापंचायत का आयोजन करेगा।
सभी किसान नेताओं ने लखीमपुर की घटना में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की। आपको बता दें कि इस मामले में आज घटना का प्रमुख आरोपी आशीष मिश्रा लखीमपुर क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुआ। सुबह 11 बजे से पहले आशीष मिश्रा और उसके वकील क्राइम ब्रांच पहुंचे। (Kisan Morcha)
इसे भी पढ़े-2022 के assembly elections में इस पार्टी की इन राज्यों बन सकती है सरकार
गौरतलब है कि आशीष मिश्रा की इस घटना में संलिप्तता संबंधी आरोपों उनके पिता और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने साफ इनकार किया है। टेनी ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच के बाद इसके सभी आरोपी चेहरे सामने आएंगे।
उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत में साफ-साफ कहा कि उनका बेटा इस घटना में शामिल नहीं है। इधर, पुलिस ने घटना से जुड़े अंकित दास के ड्राइवर समेत दो लोगों को आज लखनऊ से हिरासत में लिया है। इसके अलावा इस मामले में अंकित दास की तलाश की जा रही है।



