खबर संसार, नई दिल्ली: जानिए कब है karva chauth व्रत, क्या है चन्द्र अर्घ्य का समय, उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में सुहागन और कुंवारी युवतियां करवाचौथ का व्रत विधि-विधान से रखती हैं। करवाचौथ व्रत प्रति वर्ष कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। इस साल ये व्रत 24 अक्टूबर 2021 को रखा जाएगा। ये व्रत रोहिणी नक्षत्र में होगा। karva chauth व्रत रखने वाली महिलाओं को सिर्फ लाल या पीले रंग के कपड़े ही पहनने चाहिए। इन रंगों को काफी शुभ माना जाता है।
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चतुर्थी तिथि में चंद्रमा का उदय होना महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पति के हाथों पारण किया जाता है। तभी व्रत को पूर्ण मानते हैं। करवाचौथ के दिन माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी, भगवान कार्तिकेय और चंद्रमा की पूजा करने का विधान है। करवाचौथ का निर्जला व्रत रखने का विधान है।
karva chauth पूजन का मुहूर्त
- karva chauth व्रत तिथि- 24 अक्टूबर
- karva chauth पूजा मुहूर्त- शाम 06ः55 से 08ः51बजे तक
चंद्रोदय- 08ः11 बजे - चतुर्थी तिथि आरंभ- सुबह 03ः01 बजे (24 अक्टूबर)
- चतुर्थी तिथि समाप्त- सुबह 05ः43 बजे (25 अक्टूबर)
karva chauth के दिन शाम को 05 बजकर 43 मिनट से शाम 06 बजकर 59 मिनट के मध्य चौथ माता यानी माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी, भगवान कार्तिकेय का विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए। उसके बाद चांद के उदय होने पर उनकी पूजा कर दूध, अक्षत, पुष्प मिश्रित जल से चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। और पति की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करें। उसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण करके व्रत का पारायण करें। पारायण से ही व्रत पूरा होता है।





