खबर संसाार, हल्द्वानी: उत्तराखंड में बारिश ने मचाई तबाही, फटा badal, अब तक 16 की मौत, बीते दो दिनों से उत्तराखंड में हो रही बारिश ने कहर मचा रखा है। इस मूसलाधार बारिश से पूरे उत्तराखंड समेत कुमाऊं कई नदियों के पुल बह गए, तो कई पुल ध्वस्त हो गए तो कहीं badal फट गए। लगातार भारी बारिश के चलते अब तक करीब 16 लोगों की मौत हो चुकी है। नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले को जोड़ने वाली सड़कें भूस्खलन के चलते बंद हो गई। बादल फटने से कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। कई जिलों की सड़कें, बिजली, संचार व्यवस्था सब कुछ ठप हो गए। जिसको लेकर प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जानाकारी ली।
नैनीताल के रामगढ़ में फटा badal
पिछले करीब 48 घंटों से पूरे उत्तराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगोें का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। नैनीताल के रामगढ़ में badal फटने से कई लोग मलबे में दब गए। रेस्क्यू करके घायलों को बाहर निकाला गया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड को रेड अलर्ट पर रखा है। भारी बारिश के चलते भूस्खलन से नैनीताल का संपर्क मार्ग भी कट गया, इस आपदा से कई लोगों की मौत भी हो गई। कई मकान मलबे में तब्दील हो गए। बारिश पानी इतना कि नैनीताल झील का पानी काठगोदाम-हल्द्वानी सड़क तक आ पहुंचा।
रेलवे स्टेशन की पटरी गौला नदी में समाई
रेलवे स्टेशन की पटरी जो गौला नदी में समा गई। हल्द्वानी का गौला पुल भी ध्वस्त हो गया। संचार व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। पहाड़ों पर जगह-जगह बोल्डर गिर रहे हैं। NDRF- SDRF की टीमें लगातार कार्य में लगी हुई है। इधर चंपावत जिले की बात करें तो वहां पर भी कई पुल ध्वस्त हो गए। अल्मोड़ा जिले सहित कई जिलों का संपर्क मार्ग कट गया। मकान ध्वस्त होने से कई लोगों की मलबे में दबे होने की आशंका है। भिकियासैँण तहसील के भतरौजखान में एक मकान टूटने तीन लोग दब गए, जिनमें से दो बच्चों के शवों को बरामद कर लिया गया है ।


