रांची, खबर संसार। झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के आधा दर्जन विधायकों ने केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर शिकायत की है कि पार्टी की विधायक सीता सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश में जुटी हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा का निष्कासित कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल और उसका करीबी अशोक अग्रवाल सरकार को अस्थिर करने की योजना का मास्टर माइंड है। केजरीवाल और अग्रवाल मिलकर बारी-बारी से जामा से झामुमो की विधायक सीता सोरेन के आवास पर पार्टी के विधायकों को फोन कर मिलने के लिए बुलाता है। केजरीवाल के साथ उसका करीबी अशोक अग्रवाल भी रहता है। दोनों झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को पाला बदलकर भाजपा का साथ देने का दबाव बना रहे हैं।
शिकायतों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा सतर्क
दोनों सरकार अस्थिर होने के बाद नई सरकार बनने पर विधायकों की ताजा शिकायतों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का शीर्ष नेतृत्व सतर्क हो गया है। मोर्चा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक लिखित शिकायत के अलावा लगभग आधा दर्जन विधायकों ने इस साजिश की जानकारी मौखिक तौर पर शीर्ष नेतृत्व को दी है। यह भी बताया है कि इस मुहिम में लोबिन हेम्ब्रम का भी साथ मिल रहा है। सीता सोरेन जामा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि लोबिन हेम्ब्रम बोरियो के विधायक हैं। दोनों विभिन्न मौके पर खुलकर सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलते हैं।
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के बजट सत्र में सीता सोरेन और लोबिन हेम्ब्रम ने अपनी ही सरकार के खिलाफ विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना तक दिया। सीता सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन के पुत्र दिवंगत दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं। उन्होंने अपनी दो पुत्रियों को आगे कर एक समानांतर संगठन दुर्गा सोरेन सेना खड़ा किया है।
जबकि लोबिन हेम्ब्रम लगातार सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। झामुमो के विधायकों ने पत्र में जिक्र किया है कि अपने दल के इन विधायकों के रवैये से काफी व्यथित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया है कि सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रहे नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

