खबर संसार हल्द्वानी।दरोगा भर्ती घपले में दोषी पाए जाने पर अब तक मिला वेतन भी वापस मांग सकती सरकार।जी हा इन दिनों पुलिस महकमे में दरोगा भर्ती घपले की चर्चा जोरों पर है। तरह तरह की बातें सामने आ रही है कि अभी बीस का नाम है अभी और भी नाम आने है जैसे जैसे जांच आगे बड़ेंगी। क्योंकि ये बीस नाम तीन महीने की जांच में सामने आए है। और जांच आगे भी जारी है कुल 339 दरोगा 2015 में पोस्टिंग पाए है। कुछ के मामले में अलग अलग चीजें मिलने की बातें सामने आ रही है। लेकिन एक बात कॉमन सामने आ रही है जिन जिन के नाम सामने आए है सब अच्छे खासे रुतबे वाले है। हालाकि इनकी सम्पत्ति की भी जांच की बात सामने आ रही है।
दरोगा भर्ती घपले में दोषी पाए जाने पर अब तक मिला वेतन भी वापस मांग सकती सरकार
फिलहाल एसएसपी नैनीताल पंकज भट्ट ने नैनीताल जिले के चार दरोगा की जांच सीओ विभा दीक्षित को करने के आदेश किए है। यह जांच रिपोर्ट बहुत महत्पूर्ण साबित होंगी। क्योंकि इसके बाद बड़ा एक्शन हो सकता है। अगर गलत तरीके से नौकरी पाए जाने कि रिपोर्ट आती है तो अब तक जितना वेतन पाया है सरकार को वापस करना पड़ेगा। साथ ही सजा का भी प्रावधान है।
बताए चले कि दरोगा भर्ती घपले में मुख्यालय के आदेश के बाद निलंबित दरोगाओं के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच संबंधित जिलों के राजपत्रित अफसरों को सौंपी गई है। जांच अधिकारी, निलंबित दरोगाओं को कार्रवाई का कारण बताते हुए उनका पक्ष जानेंगे। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर ही दरोगाओं का भविष्य तय होगा।
2015 में हुई दरोगा भर्ती मामले में विजिलेंस की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महकमे ने 20 दरोगाओं को निलंबन किया है। अब उत्तराखंड पुलिस कर्मचारी दंड नियमावली धारा 14/1 या 14/2 के तहत होने वाली विभागीय जांच के लिए मुख्यालय की ओर से आदेश जारी कर दिए हैं। सीओ या राजपत्रित अधिकारी निलंबित दरोगाओं को कार्रवाई का कारण बताते हुए अपना पक्ष रखने को कहेंगे। जिसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही दरोगाओं पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नैनीताल जिले में चारों दरोगाओं की जांच सीओ नैनीताल विभा दीक्षित को सौंपी गई है। विजिलेंस की रिपोर्ट के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने दरोगाओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। अब जांच अधिकारी विभागीय कार्रवाई करने से पूर्व पुलिस मुख्यालय से विजिलेंस की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट मांगेंगे। रिपोर्ट के अवलोकन के बाद जांच अधिकारी अपने स्तर से पूछताछ करेंगे। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट, एसएसपी के माध्यम से मुख्यालय भेजी जाएगी।चर्चा है की नेताओ ,उच्च अधिकारियों की शरण में सभीब 20 दरोगा अपने आप को बचाने की जद्दोजहद में लगे हुए दरोगा किसी भी हाल में बर्खास्तगी की कार्रवाई को रोकने के प्रयास में हैं। इस सब के बाद भी उन्हें कहीं से भी कोई राह नजर नहीं आ रही है
