जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के 97 दिन बाद भारतीय सेना को बड़ी सफलता हाथ लगी है। श्रीनगर के लिडवास इलाके में सोमवार को सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत तीन पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर कर दिया गया। चिनार कॉर्प्स ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई उसी नेटवर्क पर की गई है, जो 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में हुए हमले के लिए जिम्मेदार था।
मारे गए आतंकियों में पहलगाम हमले के आरोपी शामिल
सेना सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकियों की पहचान सुलेमान, यासिर और अली के रूप में हुई है। इनमें से सुलेमान और यासिर का सीधा संबंध पहलगाम आतंकी हमले से बताया जा रहा है। हालांकि, सेना ने कहा है कि आतंकियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और विस्तृत जानकारी शाम तक सार्वजनिक की जाएगी।
भारी हथियार और गोला-बारूद बरामद
मुठभेड़ के बाद आतंकियों के पास से अमेरिकी M4 कार्बाइन, AK-47 राइफल, 17 ग्रेनेड और अन्य संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुई हैं। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है।
22 अप्रैल को बैसरन घाटी में हुआ था नरसंहार
इस आतंकी नेटवर्क ने 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत और 16 घायल हुए थे।
पहलगाम हमले के मुख्य आरोपी थे विदेशी आतंकी
पुलिस ने घटना के दो दिन बाद आदिल हुसैन (अनंतनाग), हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान और अली उर्फ तल्हा भाई (दोनों पाकिस्तानी) के स्केच जारी किए थे। सुलेमान को पाकिस्तानी सेना का प्रशिक्षित कमांडो बताया गया था।
सेना के इस ऑपरेशन से साफ है कि आतंकियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है। अगर पुष्टि होती है, तो यह आतंकी नेटवर्क के लिए करारा झटका माना जाएगा।
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