दुनिया में कई ऐसे करियर ऑप्शन हैं जिनके बारे में लोगों को कम जानकारी होती है। उन्हीं में से एक है फ्लेवरिस्ट, यानी स्वाद विशेषज्ञ। ये वो एक्सपर्ट होते हैं जो खाने-पीने की चीजों, दवाओं और कॉस्मेटिक्स के लिए स्वाद और खुशबू तैयार करते हैं। फ्लेवरिस्ट का काम सिर्फ स्वाद बनाना नहीं बल्कि उपभोक्ताओं की पसंद, बाजार की जरूरत और कानूनी नियमों को ध्यान में रखकर नया फ्लेवर तैयार करना होता है।
फ्लेवरिस्ट का काम क्या होता है?
फ्लेवरिस्ट खाने के स्वाद, रेसिपी और कस्टमर की जरूरत के हिसाब से फ्लेवर फॉर्मूला बनाते हैं। लैब में रॉ मटेरियल का विश्लेषण, टेस्टिंग और पैकेजिंग से लेकर लागत का अनुमान लगाना भी उनके काम में शामिल है। इसके अलावा, ये प्रोजेक्ट वाइज फ्रीलांस टेस्टिंग और कंसल्टेंसी का काम भी करते हैं।
12वीं के बाद फ्लेवरिस्ट कैसे बनें?
अगर आपने 12वीं साइंस (PCB/PCM) से की है तो फ्लेवरिस्ट करियर आपके लिए शानदार विकल्प है। इसके बाद B.Sc. इन केमिस्ट्री, बायोकैमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी या फूड साइंस किया जा सकता है। टेक्निकल साइड में जाना चाहें तो B.Tech इन बायोटेक्नोलॉजी या डेयरी टेक्नोलॉजी करें। पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए M.Sc. फूड साइंस, M.Tech फूड टेक्नोलॉजी या M.Sc. फ्लेवर टेक्नोलॉजी के कोर्स सबसे बेहतर हैं।
कहां मिलती है जॉब?
फ्लेवरिस्ट की डिमांड नेशनल और मल्टीनेशनल FMCG कंपनियों, स्नैक्स, डेयरी और बेकरी ब्रांड्स में तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा फार्मा, कॉस्मेटिक्स, पर्सनल केयर और टेस्टिंग लैब्स में भी अच्छे करियर विकल्प मौजूद हैं। कई फ्लेवरिस्ट फ्रीलांसर या कंसल्टेंट के रूप में काम करते हैं।
सैलरी कितनी होती है?
फ्लेवरिस्ट की सैलरी उनके अनुभव और स्किल्स पर निर्भर करती है।
- ट्रेनी फ्लेवरिस्ट: ₹3–6 लाख वार्षिक
- 3–6 साल अनुभव वाले: ₹6–15 लाख वार्षिक
- सीनियर फ्लेवरिस्ट: ₹40 लाख या उससे ज्यादा तक
अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं, तो यह करियर आपके लिए ड्रीम जॉब साबित हो सकता है।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस





