लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस स्पीकर की कुछ टिप्पणियों और फैसलों से नाराज है।
स्पीकर की टिप्पणी पर कांग्रेस को आपत्ति
कांग्रेस का आरोप है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी को नियमों का हवाला देकर पूरा भाषण नहीं देने दिया गया। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा इंदिरा गांधी सहित कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई टिप्पणियों पर सख्ती नहीं बरती गई।
कांग्रेस के उपनेता मनिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि स्पीकर सदन में एकतरफा रुख अपना रहे हैं। उनका कहना है कि निष्पक्षता की अपेक्षा रखने वाले पद पर बैठा व्यक्ति अगर पक्षपातपूर्ण दिखाई दे, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।
8 सांसद निलंबित, बढ़ा राजनीतिक तनाव
संसद में जारी हंगामे के बीच कांग्रेस समेत कुल 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस इस कार्रवाई को भी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बता रही है। इसके अलावा, स्पीकर की उस टिप्पणी ने भी विवाद बढ़ाया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ सदस्य प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर अप्रत्याशित घटना कर सकते थे।
राहुल के बोलते ही सदन में शोर-शराबा
मंगलवार को दोपहर 2 बजे के बाद जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए और सदन में हंगामा शुरू हो गया। राहुल ने दावा किया कि उन्हें स्पीकर ने पहले बोलने की अनुमति दी थी। हालांकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस दावे से इनकार किया।
पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने स्पष्ट किया कि बजट पर बोलना है तो अनुमति है, लेकिन अन्य विषय पर कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। लगातार शोर-शराबे के बीच कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
राजनीतिक गलियारों में अब नजर इस बात पर है कि क्या विपक्ष वाकई स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाता है और इससे सदन की कार्यवाही पर क्या असर पड़ेगा।
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