उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। ATS और IB की संयुक्त टीम ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान के लिए जासूसी गतिविधियों में शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीम राणा और आजाद राजपूत के रूप में हुई है। ये दोनों भारत के संवेदनशील और धार्मिक स्थलों की रेकी कर रहे थे।
धार्मिक स्थलों और मेट्रो स्टेशन की तस्वीरें बरामद
जांच के दौरान आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें दिल्ली के रमेश नगर मेट्रो स्टेशन और कई प्राचीन मंदिरों की फोटो और वीडियो मिले हैं। साथ ही, डिवाइस में राष्ट्र विरोधी चैट, लोकेशन डेटा और अन्य संदिग्ध डिजिटल सबूत भी पाए गए हैं। एजेंसियां अब इनके नेटवर्क और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।
ISI समर्थित नेटवर्क से जुड़ाव के संकेत
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे, जिसे ISI का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है। आरोप है कि ये संदिग्ध भारत के धार्मिक और संवेदनशील स्थानों की जानकारी और तस्वीरें इस नेटवर्क तक भेज रहे थे। इसके अलावा, बिसरख स्थित प्राचीन रावण मंदिर की तस्वीर लेने की कोशिश भी सामने आई है।
पुलिस और एजेंसियों का बयान
एसपी हापुड़ ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि धौलाना थाना पुलिस ने ATS मेरठ और IB दिल्ली के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों आरोपी देश की सुरक्षा और हितों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थे।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 की धाराओं 3/5 के तहत भी FIR दर्ज की गई है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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