मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शनिवार (20 जून 2026) को भारत के तीन क्रूड ऑयल सुपर टैंकर सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर गए। इन जहाजों में 94 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। हालांकि, कुछ घंटों बाद ईरान की ओर से इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से बंद करने की घोषणा कर दी गई।
8.6 लाख टन से ज्यादा कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़े जहाज
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों भारतीय टैंकर जोखिम वाले समुद्री क्षेत्र को सफलतापूर्वक पार करने में कामयाब रहे। इन जहाजों में ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और ‘सनमार हेराल्ड’ शामिल हैं। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की कि सभी जहाज सुरक्षित हैं और भारत की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
सरकार के मुताबिक, इन तीनों टैंकरों में कुल 8 लाख 60 हजार टन से अधिक कच्चा तेल लदा हुआ है। प्रत्येक जहाज में करीब 2.85 लाख टन क्रूड ऑयल मौजूद है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
देश विभोर ने बदला था रास्ता
रिपोर्ट में बताया गया कि ‘देश विभोर’ नामक जहाज ने यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए दक्षिणी रूट की ओर रुख किया था। बाद में यह जहाज फिर ईरानी तट की दिशा में लौट आया। इस घटनाक्रम के बाद स्थिति को लेकर चिंता और बढ़ गई थी।
हालांकि, सभी टैंकर अब सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ चुके हैं। सरकार ने जानकारी दी है कि ये जहाज 24 जून से 1 जुलाई के बीच अलग-अलग भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगे।
फारस की खाड़ी में अब भी मौजूद हैं 10 भारतीय जहाज
केंद्रीय मंत्रालय ने यह भी बताया कि फिलहाल फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में 10 भारतीय जहाज अभी भी मौजूद हैं। क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए इन जहाजों की सुरक्षा पर करीबी नजर रखी जा रही है।
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद कुछ समय के लिए सामान्य हुआ था हालात
इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आंशिक रूप से खोला गया था। समझौते के तहत ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को कम करने और बदले में प्रतिबंधों में राहत मिलने पर सहमति जताई थी। इसके बाद समुद्री यातायात कुछ समय के लिए सामान्य हो गया था।
लेकिन हालात फिर तब बिगड़ने लगे जब ईरान की सैन्य कमान ने लेबनान में इजरायली हमलों का हवाला देते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद करने की चेतावनी दी।
अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप
ईरान ने अमेरिका पर समझौते की शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यदि क्षेत्र में हमले जारी रहे तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
इसी बीच, ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल तकनीकी स्तर की बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो चुका है। इस बैठक में दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होने वाले हैं।
खबर आपको कैसी लगी, comment box में अवश्य लिखें। वेबसाइट को सब्सक्राइब और लाइक करना भी नहीं भूलें
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस


