अगर आप किसी सामान को खरीदते समय उसके पैकेट पर लिखे ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ या ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों को देखकर उसे बेहतर मान लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया के कई फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई करते हुए उनकी बिक्री रोकने का आदेश दिया है। साथ ही कंपनी को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
किन-किन डाबर प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई हुई?
FSSAI की कार्रवाई इन उत्पादों पर लागू हुई है—
- डाबर हनी (Dabur Honey)
- डाबर गाय का घी (Dabur Cow Ghee)
- डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर
- डाबर होममेड कोकोनट मिल्क
- डाबर वर्जिन कोकोनट ऑयल
- डाबर तिल का तेल
- डाबर कोकोनट वॉटर
FSSAI को क्या मिली आपत्ति?
रेगुलेटर के अनुसार, कंपनी अपने कुछ उत्पादों पर ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योरिटी गारंटीड’, ‘100% ऑर्गेनिक’ और ‘100% टेंडर कोकोनट वॉटर’ जैसे दावे कर रही थी।
FSSAI का कहना है कि ऐसे दावों की वैज्ञानिक रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती और ये उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं।
‘100%’ लिखना नियमों के खिलाफ क्यों माना गया?
भारत के खाद्य नियमों में किसी भी उत्पाद पर ‘100%’ का दावा करने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
ऐसे दावों पर कई सवाल उठते हैं—
- 100% किस चीज का?
- शुद्धता का?
- प्राकृतिक होने का?
- या किसी एक सामग्री का?
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रयोगशाला यह जांच सकती है कि किसी उत्पाद में मिलावट है या नहीं, लेकिन यह प्रमाणित नहीं कर सकती कि कोई वस्तु 100% शुद्ध है। इसलिए ऐसे दावे वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं किए जा सकते।
उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ता है?
जब किसी पैकेट पर ‘100% प्योर’ लिखा होता है, तो ग्राहकों को लगता है कि अन्य ब्रांड कम गुणवत्ता वाले हैं। जबकि बाजार में बिकने वाले सभी पैक्ड फूड उत्पादों को तय कानूनी गुणवत्ता मानकों का पालन करना होता है।
ऐसे दावे प्रतिस्पर्धी ब्रांडों की तुलना में खुद को बेहतर दिखाने का प्रयास माने जा सकते हैं।
‘जैविक भारत’ लोगो पर भी उठे सवाल
FSSAI ने बताया कि डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर ‘जैविक भारत’ का लोगो भी पाया गया, जबकि इसके लिए वैध ऑर्गेनिक मान्यता उपलब्ध नहीं थी।
इस वजह से मामला केवल विज्ञापन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन मार्क के उपयोग से भी जुड़ गया।
FSSAI ने पहले भी भेजा था नोटिस
रेगुलेटर के मुताबिक कंपनी को पहले भी ऐसे दावे हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक सुधार नहीं हुआ। इसके बाद अब प्रोहिबिशन ऑर्डर जारी किया गया है।
क्या बाजार से तुरंत हट जाएंगे ये प्रोडक्ट्स?
फिलहाल ऐसा जरूरी नहीं है। आदेश जारी होने के बाद भी कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ये उत्पाद पुराने दावों के साथ दिखाई दे रहे थे। पैकेजिंग, वेबसाइट और ऑनलाइन लिस्टिंग में बदलाव होने में समय लग सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कंपनी 15 दिनों के भीतर क्या जवाब देती है और अपने उत्पादों पर लगे दावों में क्या बदलाव करती है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है। जून 2024 में भी FSSAI ने सभी फूड कंपनियों को ‘100% फ्रूट जूस’ जैसे दावों का इस्तेमाल बंद करने के निर्देश दिए थे। उस समय भी रेगुलेटर ने कहा था कि नियमों में ‘100%’ जैसे दावों की अनुमति नहीं है।
ग्राहकों के लिए क्या सीख है?
खाद्य उत्पाद खरीदते समय केवल ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ या ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों पर भरोसा न करें। इसके बजाय—
- इनग्रेडिएंट्स की सूची देखें।
- FSSAI लाइसेंस नंबर जांचें।
- ऑर्गेनिक उत्पाद होने पर वैध सर्टिफिकेशन की पुष्टि करें।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डाबर इस आदेश के बाद क्या कदम उठाती है और क्या FSSAI अन्य कंपनियों के ऐसे दावों पर भी इसी तरह की कार्रवाई करता है।
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