महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। रेगुलेटर ने इसे पान मसाला के संभावित सरोगेट प्रमोशन के तौर पर जांचने की बात कही है और जवाब के लिए 15 दिन का समय दिया है।
FDA ने क्यों जारी किए नोटिस?
11 अगस्त 2026 की तारीख वाले 9 पन्नों के नोटिस महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी कमिश्नर और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन प्रमुख तुकाराम मुंडे ने जारी किए। इसमें फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है। धारा 24 खाद्य उत्पादों से जुड़े झूठे, गुमराह करने वाले या धोखा देने वाले विज्ञापनों पर रोक लगाती है।
महाराष्ट्र में पान मसाला, तंबाकू और गुटखा के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर 13 जुलाई 2026 से 1 साल का प्रतिबंध है। इसी वजह से रेगुलेटर यह जांच कर रहा है कि विमल इलायची का विज्ञापन प्रतिबंध को दरकिनार करने वाला तो नहीं है।
क्या है सरोगेट एडवरटाइजिंग?
सरोगेट एडवरटाइजिंग में प्रतिबंधित उत्पाद का सीधे प्रचार करने के बजाय उसी या मिलती-जुलती ब्रांड पहचान के तहत किसी दूसरे अनुमति प्राप्त उत्पाद का प्रचार किया जाता है। रेगुलेटर ब्रांडिंग, रंग, पैकेजिंग, टैगलाइन और विज्ञापन की पूरी प्रस्तुति को देख सकता है।
एक्टर्स से कौन से दस्तावेज मांगे गए?
नोटिस में एक्टर्स और उनकी एजेंसियों से एंडोर्समेंट एग्रीमेंट, कैंपेन ब्रीफ, पेमेंट या दूसरे फायदे की जानकारी और विज्ञापन स्वीकार करने से पहले की गई जरूरी जांच-पड़ताल के सबूत मांगे गए हैं। शो कॉज नोटिस जारी होना अपने आप में दोष साबित नहीं करता।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
अगर विज्ञापन को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 का उल्लंघन माना जाता है, तो सेक्शन 53 के तहत ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला केंद्रीय कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी को भी भेजा गया है। पहली बार उल्लंघन पर एंडोर्सर पर 1 साल तक रोक और ₹10 लाख तक जुर्माना हो सकता है। बार-बार उल्लंघन पर रोक 3 साल तक और जुर्माना ₹50 लाख तक हो सकता है।
10 प्वाइंट में पूरा मामला
- FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस दिया।
- मामला विमल इलायची के विज्ञापन से जुड़ा है।
- रेगुलेटर ने संभावित सरोगेट प्रमोशन की जांच की है।
- नोटिस 11 अगस्त 2026 की तारीख वाले 9 पन्नों के हैं।
- इन्हें तुकाराम मुंडे ने जारी किया।
- फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है।
- महाराष्ट्र में पान मसाला, तंबाकू और गुटखा पर 13 जुलाई 2026 से 1 साल का प्रतिबंध है।
- एक्टर्स से एंडोर्समेंट से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं।
- संभावित उल्लंघन पर ₹10 लाख तक जुर्माना हो सकता है।
- कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट के तहत एंडोर्समेंट पर रोक और जुर्माने की कार्रवाई भी हो सकती है।
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