‘मिर्जापुर द मूवी’ ने मचाया भौकाल, क्लाइमेक्स ने घुमाया दिमाग जी, हां ‘मिर्जापुर द मूवी’ में पुराने किरदारों के साथ बिल्कुल नई कहानी देखने को मिलती है। दमदार एक्टिंग, जबरदस्त डायलॉग्स और अनएक्सपेक्टेड क्लाइमेक्स फिल्म की खासियत हैं, हालांकि 3 घंटे 17 मिनट की लंबाई कुछ जगह खटकती है।
Mirzapur की गद्दी के लिए छिड़ी नई जंग
‘मिर्जापुर द मूवी’ को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही था कि सीरीज के वही किरदार जब फिल्म में लौटेंगे तो नया क्या देखने को मिलेगा। फिल्म इस सवाल का जवाब एक नई कहानी के साथ देती है। किरदार वही हैं, लेकिन कहानी सीरीज से अलग है। वहीं, जिसने सीरीज नहीं देखी है, उसके लिए भी फिल्म की कहानी समझने लायक है।
मिर्जापुर की गद्दी पर पहले से कलीन भैया का राज है। बहराइच, जौनपुर से लेकर जैसलमेर तक हर कोई मिर्जापुर पर कब्जा करना चाहता है, क्योंकि इस गद्दी पर जिसका राज होगा, वही यूपी पर ताज करेगा। फिल्म में मुन्ना भैया, गुड्डू भैया और बीना समेत पुराने किरदारों की बैकस्टोरी भी देखने को मिलती है। रिश्तों और किरदारों के बीच की खींचतान कहानी को दिलचस्प बनाती है।
गुरमीत सिंह का डायरेक्शन और पुनीत कृष्ण की राइटिंग
फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि पुनीत कृष्ण की राइटिंग इसकी बड़ी ताकत है। पुराने किरदारों और नई कहानी के बीच अच्छा संतुलन बनाया गया है। हालांकि 3 घंटे 17 मिनट की लंबाई कुछ जगह खटकती है। फर्स्ट हाफ में किरदारों को बिल्ड करने में काफी समय लगता है और सेकंड हाफ भी कुछ जगह लंबा महसूस होता है।
रवि किशन की एंट्री ने बढ़ाया रोमांच
रवि किशन की नई एंट्री फिल्म का खास आकर्षण है। बब्बन यादव के किरदार में उनका अंदाज अलग नजर आता है। महिलाओं की इज्जत करने वाला यह किरदार कहानी में नया रंग भरता है। उनका डायलॉग, “जुबान ही मेरा कॉन्ट्रैक्ट है”, भी प्रभाव छोड़ता है।
दमदार कास्ट और यादगार डायलॉग्स
कलीन भैया के किरदार में पंकज त्रिपाठी का जलवा बरकरार है। जितेंद्र कुमार बतौर बबलू पंडित खूब जमते हैं। रसिका दुग्गल, दिव्येंदु और अली फज़ल भी अपने किरदारों में शानदार हैं। सोनल चौहान की एंट्री कहानी में नया एंगल जोड़ती है।
फिल्म के डायलॉग्स भी दमदार हैं। “तुम वफादारी के लिए लड़ रहे हो और हम प्यार के लिए… जीत थोड़ी पाओगे.” जैसे संवाद सीटियां बजवाने का दम रखते हैं।
अनएक्सपेक्टेड क्लाइमेक्स बना सबसे बड़ा सरप्राइज
फिल्म का क्लाइमेक्स बेहद अनएक्सपेक्टेड है। मेकर्स ने इमोशनल एंगल पर भी फोकस किया है, जिससे कहानी सिर्फ गैंगस्टर वॉर तक सीमित नहीं रहती। लंबाई की शिकायत के बावजूद दमदार क्लाइमेक्स फिल्म का असर काफी हद तक संभाल लेता है।
वर्डिक्ट
‘मिर्जापुर द मूवी’ भौकाल मचाने आई है और मास ऑडियंस को पसंद आने वाला पूरा मसाला देती है। हिंसा, दमदार किरदार, बढ़िया कहानी और चौंकाने वाला क्लाइमेक्स इसे थिएटर में देखने लायक बनाते हैं। अगर आपको मिर्जापुर की दुनिया पसंद है, तो फिल्म निराश नहीं करेगी।
10 प्वाइंट में ‘मिर्जापुर द मूवी’ रिव्यू
- फिल्म की कहानी सीरीज से अलग और नई है।
- पुराने किरदारों के साथ नई कहानी बुनी गई है।
- मिर्जापुर की गद्दी के लिए नई जंग दिखाई गई है।
- मुन्ना, गुड्डू और बीना की बैकस्टोरी अहम है।
- गुरमीत सिंह का डायरेक्शन प्रभावी है।
- पुनीत कृष्ण की राइटिंग फिल्म की बड़ी ताकत है।
- रवि किशन की नई एंट्री जबरदस्त है।
- पंकज त्रिपाठी समेत पूरी कास्ट ने शानदार अभिनय किया है।
- डायलॉग्स दमदार और सीटियां बजवाने वाले हैं।
- अनएक्सपेक्टेड क्लाइमेक्स फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज है।
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