HomeAdministrativeआचार संहिता का कमाल,दीनदयाल जी प्रतिमा दिखाई देने लगी

आचार संहिता का कमाल,दीनदयाल जी प्रतिमा दिखाई देने लगी

किच्छा ख़बर संसार दिलीप अरोरा।किच्छा मे वापिस लौटी दीनदयाल की प्रतिमा।  जी हा आदर्श आचार संहिता का कमाल।

कुछ नेता गण भी मस्त मौला होते है वो भी इतने की उनको सिर्फ खुद और खुद के प्रचार से ही मतलब होता है। उनको किसी और के सुख दुख से कोई लेंस देना नहीं होता। मतलब अपना काम बनता भाड़ मै जाये जनता।

तो हुआ यूँ की आपको बताते चले की पहले तो सरकारे हर शहर कसबो के चौक चौराहो को महापुरुषों के नाम से रखती है फिर उनपर ऊन महापुरुषों की प्रतिमा भी लगा देती है और इस दौरान नेता गण भी इन प्रतिमाओ पर माल्यार्पण कर खूब लैकचर बाजी झाड़कर और महापुरुषों का इतिहास भी सुना डालते है और खूब वहा वहाई भी लूट लेते है।और इनके पद चिन्हो पर चलने का संकल्प भी ऐसे लेते है की जैसे यह भी इनकी तरह बलिदानी बन जायेंगे।

तो सवाल यह है की क्या इन महापुरषो की प्रतिमाओ को लगा देना ही काफ़ी है क्या इनकी प्रतिमाओ का मान सम्मान करना इनका दायित्व नहीं है अगर यह मान सम्मान नहीं कर सकते या नहीं करवा सकते तो इससे तो अच्छा है की इन प्रतिमाओ को लगाया ही न जाये क्योंकि इससे कम से कम इन प्रतिमाओ का अपमान तो नहीं होगा।

पहले नेता खुद प्रतिमा लगाते है और फिर बाद मै कुछ नेता इन्ही चौराहो को अपने विज्ञापन का अड्डा बना कर इन प्रतिमाओ का भी खूब अपमान करते है।
ऐसे ही किच्छा शहर की भी एक हकीकत है। यहां शहर के मुख्य चौराहो के नाम भी महापुरुषों के नाम पर है। जैसे मुख्य चौराहा दीनदयाल जी के नाम से डीडी चौक, महाराणा प्रताप चौक, आदित्य चौक, अम्बेडकर चौक आदि।

ज़ब ज़ब कोई किसी पार्टी का नेता आता है या किसी कार्यकर्ता के प्रिय नेता जी का जन्मदिन होता है,तब तब यह कुछ नेता और इनके कार्यकर्ता अपने आका को खुश करने के मकसद से इन महापुरुषों की प्रतिमाओ को भी अपने विज्ञापन होर्डिंग्स से ढक कर गायब कर देते है। प्रशासन भी इनकी इस हरकत को आंख बंद करके देखता रहता है।

*महापुरुषों की प्रतिमा का होता है अपमान*

पिछले एक हफ्ते से शहर के डीडी चौक पर लगी प्रतिमा भी कही गुम हो गयी थी। और अचानक इस चौक की तस्वीर भी बदल डी गयी थी।किच्छा का डी डी चौक आज से पहले पूरी तरह चारो ओर से पार्टीयों के कुछ नेताओं की होर्डिंग से ढक दिया गया था।
जिसके बाद इसकी समाज मै जमकर आलोचना होने लगी थी। दो दिन पूर्व जनता की सहायता हेतू शहर मै एक कैम्प भी लगा जिसमे सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे बावजूद इसके किसी ने भी इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा की यह होर्डिंग शहर के चौराहो को तो गंदा कर ही रही है साथ ही महापुरुषों की प्रतिमा का अपमान भी हो रहा है।
किन्तु कल आचार  संहिता लगते ही प्रशासन को हरकत मै आना पड़ा और दिन दयाल जी की प्रतिमा को राजनितिक व्यक्तियों के होर्डिंग से देर रात मुक्त कराना ही पड़ा। यही नहीं शहर का रोडवेज भी अब दिखाई देने लग गया है इसको अभी अभी तक प्रचार का अड्डा बना दिया गया था। शहर के सभी समाज सेवी अचार सहिंता का धन्यवाद भी कर रहे है।और प्रशासन का भी की किसी बहाने ही सही कम से कम हमारे महापुरुष की प्रतिमा वापिस तो लौटी।

RELATED ARTICLES
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.