शहर के प्रतिष्ठित गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में ‘ग्रैंड पेरेंट्स डे’ का आयोजन बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद नन्हें-मुन्ने बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अपने दादा-दादी और नाना-नानी का अभिनंदन किया।
समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य, भजन और योगा की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। दर्शक दीर्घा में बैठे अभिभावक और बुजुर्ग बच्चों की प्रतिभा देखकर भावुक हो उठे। नर्सरी कक्षा के छात्र हर्षित सिंह और यूकेजी के छात्र कुशाग्र तिवारी ने अपने प्रभावशाली भाषण से दादा-दादी के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया।
बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा 90 वर्षीय सबसे बुजुर्ग दादा चंद्र दत्त पाठक और 70 वर्षीय दादी राधा देवी का सम्मान। विद्यालय के निदेशक श्री वी. बी. नैनवाल ने दोनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और संस्कार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।
समारोह के अंत में विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की झलक साफ दिखाई दी। ‘ग्रैंड पेरेंट्स डे’ का यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के बीच प्रेम और सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ करने का संदेश दे गया।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत
- स्वागत गीत से दादा-दादी का अभिनंदन
- गीत, नृत्य, भजन और योग प्रस्तुति
- नर्सरी व यूकेजी छात्रों के प्रेरक भाषण
- 90 वर्षीय दादा का विशेष सम्मान
- 70 वर्षीय दादी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया
- निदेशक का प्रेरणादायक संबोधन
- बच्चों की प्रतिभा ने दर्शकों को भावुक किया
- विजेता छात्रों को पुरस्कार वितरण
- पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों का संदेश
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