बरेली, 30 जुलाई: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए काठगोदाम-देहरादून एक्सप्रेस (12092/12091) में बड़ा बदलाव किया है। यह ट्रेन अब 16 अगस्त, 2025 से परंपरागत कोचों की जगह एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच के साथ दौड़ेगी। यह कोच न केवल आधुनिक तकनीक से लैस हैं, बल्कि सुरक्षा और आराम के लिहाज से भी काफी बेहतर माने जाते हैं।
एलएचबी कोचों से सफर होगा और सुरक्षित, आरामदायक
एलएचबी कोचों को जर्मन तकनीक से तैयार किया गया है और ये हाई-स्पीड ट्रेनों में उपयोग किए जाते हैं। इनकी खासियत है कि दुर्घटना की स्थिति में ये एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इसके साथ ही इनमें झटकों का प्रभाव कम होता है, जिससे लंबी यात्रा भी आरामदायक बनती है।
यह होगी नई रेक संरचना
रेलवे के अनुसार, 16 अगस्त से काठगोदाम और देहरादून से चलने वाली 12092/12091 एक्सप्रेस की रेक संरचना में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- जनरेटर सह लगेज यान – 01
- एलएसएलआरडी कोच – 01
- सामान्य द्वितीय श्रेणी कुर्सीयान – 10
- वातानुकूलित (AC) कुर्सीयान – 03
यह नई रचना यात्रियों को बेहतर सुविधा और आधुनिक अनुभव प्रदान करेगी।
यात्रियों को मिलेगा फायदा
इस बदलाव के बाद यात्रियों को न केवल ज्यादा सुरक्षित सफर मिलेगा, बल्कि अधिक सुगमता और बैठने की बेहतर व्यवस्था का लाभ भी मिलेगा। साथ ही, एलएचबी कोचों की उच्च गति क्षमता से ट्रेन संचालन में भी सुधार होगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे 16 अगस्त से लागू होने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं। यह कदम रेलवे के “सुरक्षित और आधुनिक रेल” अभियान की दिशा में एक और अहम पहल माना जा रहा है।
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