खबर संसार, देहरादून: Kishore Upadhyay भाजपा में शामिल, तो हरदा लालकुआं से ठोकेंगे ताल, उत्तराखंड विस चुनाव 2022 को लेकर नेताओं में दलबदल का खेल जारी है। अब उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने आज गुरूवार को भाजपा का दामन थाम लिया। किशोर उपाध्याय को कांग्रेस का कद्दावर नेता माना जाता है। बताते चलें कि उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव नेे Kishore Upadhyay को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सभी पदों से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। तो वहीं इस बार पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अब रामनगर के बजाय लालकुआं से चुनाव लड़ेंगे।
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Kishore Upadhyay को कांग्रेस ने 6 वर्ष के लिए किया था निष्कासित
भाजपा में शामिल होने के बाद किशोर उपाध्याय ने कहा कि ‘मैं उत्तराखंड को आगे ले जाने की भावना के साथ भाजपा में शामिल हुआ हूं’. वहीं कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘आपको ये सवाल कांग्रेस से पूछना चाहिए कि ऐसी स्थिति क्यों बनी। तो वहीं कांग्रेस का कहना है कि Kishore Upadhyay को कई चेतावनी दी गई, लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियां को थामने का नाम नहीं ले रहे थे। जिसके चलते किशोर उपाध्याय को पार्टी के सभी पदों से हटाया गया है।
बता दें कि इससे पहले भाजपा ने हरक सिंह रावत को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जिसके बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हुई। 21 जनवरी को हरक सिंह रावत और उनकी बहू कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस ने हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं रावत को लैंसडाउन से टिकट दिया है।
हरीश रावत लालकुआं, तो महेश शर्मा को कालाढूंगी से टिकट
कांगे्रस में इस बार परिवारवाद की झलक देखने को मिली है। कांग्रेस ने इस बार हरीश रावत की बेटी अनुपमा को हरिद्वार ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से टिकट दे दिया है। तो वहीं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत की सीट बदल दी है अब वह रामनगर के बजाय लालकुआं से चुनाव लड़ेंगे। कालाढूंगी से महेश शर्मा, तो सल्ट से रणजीत रावत चुनावी मैदान में होंगे। और पूर्व सांसद महेन्द्र पाल सिंह रामनगर से प्रत्याशी होंगे।



