खबर संसार हल्द्वानी। आम बजट को संछिप्त में बताते हुए पूजा भोला प्रदेश अध्यक्ष ऑल इंडिया खत्री फाउंडेशन उत्तराखंड ने बताया कि केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्द्रीय बजट 2021-22 पेश किया, जो इस नये दशक का पहला बजट है और अप्रत्याशित कोविड संकट के मद्देनजर एक डिजिटल बजट भी है।
आत्मनिर्भर भारत का विजन प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि यह दरअसल 130 करोड़ भारतीयों की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति है, जिन्हें अपनी क्षमता और कौशल पर पूर्ण भरोसा है। उन्होंने कहा कि बजट प्रस्तावों से राष्ट्र पहले, किसानों की आय दोगुनी करने, मजबूत अवसंरचना, स्वस्थ भारत, सुशासन, युवाओं के लिए अवसर, सभी के लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समावेशी विकास, इत्यादि का संकल्प और मजबूत होगा। इसके अलावा त्वरित कार्यान्वयन के पथ पर बजट 2015-16 के वे 13 वादे भी हैं, जिन्हें देश की आजादी के 75वें वर्ष यानी 2022 के अमृत महोत्सव के दौरान पूरे किये जाने हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी वादे भी आत्मनिर्भरता के इस विजन के अनुरूप हैं।
महिलाओं के लिए योजनाओं पर पूजा भोला का कहना है
पूजा भोला का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण ने मंगलवार को अपने चौथे बजट भाषण में महिलाओं के लिए कई स्कीम्स की घोषणा कीं। वित्त मंत्री ने आज संसद में कहा, ‘नारी शक्ति’ के महत्व को स्वीकार करते हुए 3 योजनाएं शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि, ”हमारी सरकार ने लाभ प्रदान करने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय की मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 जैसी योजनाओं को व्यापक रूप से नया रूप दिया है।” उन्होंने कहा, 2 लाख आंगनवाड़ी (Anganwadi) को सक्षम आंगनवाड़ी में अपग्रेड किया जाएगा।
सीतारमण जी ने सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 योजना के लिए ₹20,105 करोड़ आवंटित किए, पिछले साल के बजट में मिशन वात्सल्य के लिए ₹900 करोड़ आवंटित किए। वित्त मंत्री ने कहा, महिलाओं और बच्चों के एकीकृत विकास के लिए तीन योजनाएं शुरू की गईं हैं। बाल स्वास्थ्य में सुधार के लिए दो लाख आंगनबाड़ियों को बेहतर बनाया जाएगा। महिला और बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, 2011 की जनगणना के अनुसार, महिलाएं और बच्चे भारत की जनसंख्या का 67.7% हैं।
कुल मिलाकर आम बजट ने यूँ तो बहुत उत्साहित नहीं किया, किन्तु महिलाओं के हित में कई गईं घोषणाएं निश्चित ही सराहनीय है।
