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जाने कैसे मोबाइल से रूस के टैंक-मिसाइलों पर भारी पड़ रहे है यूक्रेन के राष्ट्रपति?

कीव, खबर संसार। यूक्रेन के राष्ट्रपति (Ukraine President) वलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने तमाम विषम परिस्थितियों और बम धमाकों की थर्राहट के बीच अपने ‘आकार’ को जिस तरह से बढ़ाया है उसने रूस को कुछ हद तक चुनौती जरूर पेश की है।

रूस (Russia News) ने राजधानी कीव (Ukraine News) को घेर लिया और उसके टैंक यूक्रेन की धरती को रौंदते हुए बम-गोले बरसाने लगे तो यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के पास विकल्प काफी सीमित रह गए। लेकिन उन्होंने हथियार नहीं डाले।

वह एक तरफ सोशल मीडिया के जरिए अपने देश के लोगों का हौसला बढ़ा रहे हैं तो दूसरी तरफ उनका फोन लगातार व्यस्त है। चौतरफा दुश्मन से घिरी राजधानी के भीतर बैठकर की गई धड़ाधड़ फोन कॉल का ही नतीजा है कि रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की झड़ी लग गई है।

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जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका साथ

जंग के हालात में कोई भी देश बहुत सोच-विचार कर फैसला करता है। पर यहां जेलेंस्की की कूटनीति का असर था कि जर्मनी ने जल्द ही यूक्रेन को हथियार देने की घोषणा की। जर्मनी यूक्रेन को 1000 टैंक रोधी हथियार और 500 स्टिंगर मिसाइलें देने जा रहा है। जर्मनी ने रक्षा खर्च बढ़ा दिया और SWIFT से रूस को हटाने पर सहमत हुआ। फ्रांस, पोलैंड और अमेरिका पहले से मदद का ऐलान कर चुके हैं। अमेरिका 35 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त सैन्य मदद दे रहा है। इसमें कई हथियार, गोला-बारूद शामिल हैं।

जर्मनी ही नहीं, यूके, कनाडा और फ्रांस भी रूस को सबक सिखाने के लिए स्विफ्ट सिस्टम से रूस को अलग करने पर साथ आ गए। जेलेंस्की की लॉबिइंग से यूरोपीय नेता इस बात पर सहमत हो सकते हैं कि रूसी सेंट्रल बैंक के असेट को फ्रीज किया जाए। अगर ऐसा होता है तो पुतिन के फैसले से उनके देश की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लग सकता है।

रूस के प्रमुख बैंकों को भुगतान प्रणाली स्विफ्ट (Swift) से बाहर करने का बड़ा फैसला पुतिन की टेंशन बढ़ा सकता है। जापान ने ‘स्विफ्ट’ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संदेश प्रणाली से रूसी बैंकों को हटाने के निर्णय में अमेरिका और यूरोपीय देशों का साथ देने का फैसला लिया है। स्विफ्ट एक वैश्विक पेमेंट सिस्टम है। यह फाइनेंशियल मेसेजिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर है, जो दुनिया के बैंकों को जोड़ने का काम करता है। इससे 200 देशों और 11 हजार वित्तीय संस्थानों को वित्तीय लेन-देन से जुड़े निर्देश मिलते हैं।

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